गाजियाबाद नगर निगम का पूरा अमला आजकल सीसीटीवी कैमरो का सर्वेक्षण और उनकी गिनती का कार्य कर रहा है...

गाजियाबाद[/caption]
लखनऊ से क्या था निर्देश...
बता दे लखनऊ से गाजियाबाद नगर निगम को निर्देश दिए थे जिसमें लिखा है:
महिलाओं, सीनियर सिटीजन, बच्चों और दिव्यांगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार 17 नगर निगम और गौतम बुद्ध नगर को सेफ सिटी के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का प्रयोग करेगी। इसमें अहम भूमिका डायल 112 की होगी। जिसे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरा से जोड़ा जाएगा।
सुरक्षा तंत्र से कैमरा को जोड़ने से होगा क्या...
सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा तंत्र को कैमरे से जोड़ने पर प्रदेश में अपराधी गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी क्योंकि जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति कैमरे में दिखाई देंगे वहां की स्थानीय पुलिस चौकी का पुलिस तंत्र वहां के स्वैच्छिक संगठन , पुलिस कमिश्नर और यहां तक की नगर निगम तक सभी तत्पर रूप से उन असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे और घटना होने की संभावना नहीं रहेगी।
हालांकि इस कवायद के बाद गाजियाबाद में चर्चा का बाज़ार गर्म है कि गार्बेज कलेक्शन, सीवर कलेक्शन टैक्स की तरह ,अब सीसीटीवी कैमरे पर भी टैक्स लगाया जा सकता है।
प्रस्तुति मीना कौशिक