International Anti Corruption Day 2022 : कैसे मज़बूत कर सकते हैं अपने आस पास के लोगों में ईमानदारी की भावना ?
International Anti Corruption Day 2022: How can you strengthen the sense of honesty among the people around you?
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:32 PM
International Anti Corruption Day 2022 : किसी भी देश के विकास में ईमानदारी कितनी अहम भूमिका निभाती है इस बात से कोई भी अपरिचित नहीं है लेकिन इस अहम भावना को किसी व्यक्ति की जिंदगी में शुरुआत से ही कैसे समावेशित कर सकते हैं, यह जानना बेहद जरुरी है। आइये जानते हैं 9 दिसम्बर के दिन प्रत्येक वर्ष मनाये जाने वाले अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस से जुड़ी हुई कुछ विशेष जानकारियां...
International Anti Corruption Day 2022 :
31 अक्टूबर 2003 को संयुक्त राष्ट्र में भ्रष्टाचार के विरोध में पारित किये गए एक विधेयक के बाद से ही इस दिन को मनाये जाने की प्रथा शुरू हुई। इस दिन को मनाये जाने का मूल उद्देश्य यह है कि लोग ईमानदारी के महत्व को समझें और अपने जीवन में भ्रष्टाचार करके आगे बढ़ने की प्रवृत्ति को समाप्त करें। अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें तो लगभग $1 ट्रिलियन की रकम को रिश्वत के तौर पर दिया जाता है और वहीं लगभग $2.6 ट्रिलियन धनराशि भ्रष्टाचार करते हुए कमाई जाती है। यह आंकड़े ये दर्शाते हैं कि इतनी अधिक धनराशि पूरे विश्व की GDP का 5% से भी अधिक है। भ्रष्टाचार से जुड़े हुए अधिकांश मामले विकासशील देशों में अधिक देखने को मिलते हैं।
क्याहैअंतराष्ट्रीयभ्रष्टाचारविरोधीदिवसकाइतिहास?
भ्रष्टाचार के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 31 अक्टूबर 2003 को महासभा के द्वारा UNODC को एक कन्वेंशन के लिए तैयार किया गया और उनसे यह अनुरोध किया गया कि वे राज्यों की पार्टियों को सम्मिलित करते हुए एक सचिवालय के रूप में संकल्प 58/4 को नामित करें। उस दौरान महासभा ने 9 दिसंबर को अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में भी नामित किया।
इस दिन को UNCAC की 20वीँ वर्षगांठ के तौर पर भी मनाया जा रहा है और इस वर्ष की थीम "Uniting the World Against Corruption” निर्धारित की गयी है।
अगर आप भारत देश की भ्रष्टाचार के मामले में स्थिति देखें तो करप्शन इंडेक्स में भारत का स्थान 82वें नम्बर पर है। इस सूचकांक में कुल 194 देश सम्मिलित हैं।
किसी भी बेहतर कार्य की शुरुआत एक घर से होती है और बाद में यह अच्छाई समाज, राज्य और देश में फैलती है। ऐसे में अपने घर के सदस्यों खासकर बच्चों के मन में ईमानदारी के बीज बोना बहुत आवश्यक है। उन्हें छोटी उम्र से ही आप सही और गलत के बीच में फर्क समझा सकते हैं एवं उन्हें अपने स्कूल या अन्य पब्लिक प्लेस पर भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकते हैं। आज के जागरूक और ईमानदार युवा ही कल देश का भविष्य तैयार करेंगे इसलिए उनका भ्रष्टाचार विरोधी होना अत्यंत आवश्यक है।