International Anti-Corruption Day देश को खोखला कर रहा भ्रष्टाचार, रैंकिंग में इस स्थान पर भारत
एशिया के 74 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सरकारी भ्रष्टाचार उनके देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 07:35 AM
International Anti-Corruption Day : 9 दिसंबर को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सरकारों, व्यवसायों, गैर सरकारी संगठनों, मीडिया और नागरिकों को शामिल करने वाले वैश्विक सहयोग के दिन के रूप में अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। भ्रष्टाचार की रैंकिंग में भारत 180 देशों के बीच 85वें नंबर पर विराजमान है
चेतना मंच। सैय्यद अबू साद। हाल ही में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया, उस सर्वेक्षण के मुताबिक एशिया के 74 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सरकारी भ्रष्टाचार उनके देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वेक्षण में 17 देशों में दो लाख लोग शामिल थे। पिछले 12 महीनों में सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंचने के दौरान 5 में से एक व्यक्ति (19 प्रतिशत) ने रिश्वत दी थी। भ्रष्टाचार वर्तमान में पूरी दुनिया में सबसे जटिल बीमारी है। स्वस्थ लोकतंत्र और सुशासन के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है। सीधे तौर पर इसका असर किसी भी राष्ट्र के विकास पर पड़ता है। भ्रष्टाचार से होने वाली समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने और सर्वव्यापी जागरूकता फैलाने, इसे मिटाने, इसे खत्म करने के लिए राष्ट्रों को ठोस पहल करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस का इतिहास
भ्रष्टाचार किसी भी देश के विकास और संसाधनों के उचित बंटवारे में एक बड़ी बाधा है। इसलिए किसी भी देश के सर्वागीण विकास और संसाधनों के उत्तम उपयोग के लिए भ्रष्टाचार को समाप्त करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस (International Anti-Corruption Day) की स्थापना की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस की स्थापना 31 अक्टूबर, 2003 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्ताव पारित करने के बाद की गयी थी। वर्तमान में विश्व का कोई देश व क्षेत्र भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है, भ्रष्टाचार का स्वरूप राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक हो सकता है। इस दिवस का आयोजन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम तथा संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स व अपराध कार्यालय द्वारा किया जाता है। इस दिवस पर कई सम्मेलन, अभियान इत्यादि शुरू किये जाते हैं, इसके द्वारा भ्रष्टाचार के सन्दर्भ में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाता है।
इस दिन से हुआ लागू
International Anti-Corruption Day In Hindi
बता दें कि भले ही इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 31 अक्टूबर, 2003 को भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन को अपनाया और ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को अपना सचिवालय नियुक्त किया। इस प्रस्ताव ने भ्रष्टाचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसे रोकने और मुकाबला करने में कन्वेंशन की भूमिका पर जोर देने के लिए 9 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में भी चिह्नित किया। इसके बाद ये दिन आधिकारिक तौर पर 9 दिसंबर 2005 में लागू हुआ। तब से प्रतिवर्ष 9 दिसंबर को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सरकारों, व्यवसायों, गैर सरकारी संगठनों, मीडिया और नागरिकों को शामिल करने वाले वैश्विक सहयोग के दिन के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और यूएनओडीसी सक्रिय रूप से इन प्रयासों का नेतृत्व करते हैं।
सभी देशों को एकत्र करना है 2023 की थीम
अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 2023 की थीम ’यूएनसीएसी एट 20 - भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया को एकजुट करना’ (UNCAC@20 - United the World Against Corruption) यूनाइटिंग द वर्ल्ड अगेंस्ट करप्शन’ है जो यूएनसीएसी की 20वीं वर्षगांठ को चिह्नित करती है। इसका मुख्य लक्ष्य भ्रष्टाचार के विरुद्ध सभी देशों को एकत्र करना है और इसके बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही इसे रोकने के लिए विश्वव्यापी पहल पर विचार के साथ-साथ उचित कदम उठाना भी है।
पारदर्शिता का दावा, लेकिन भारत में भ्रष्टाचार बढ़ा
अगर बात करें भारत की तो यहां भ्रष्टाचार काफी गहराई तक फैला हुआ है। वर्तमान में कौन विभाग भ्रष्ट है या नहीं है यह कहना बड़ी मुश्किल है। 1 दिसंबर 2023 को जारी क्राइम इन इंडिया 2022 के अनुसार देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज होने वाले मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से कुल 4139 मामले दर्ज किए गए हैं। 2021 में भ्रष्टाचार के 3745 मामलों की तुलना में 2023 में 4139 मामलों दर्ज किये गये। दर्ज मामलों के आधार पर कहा जा सकता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में 10.5 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2022 में भ्रष्टाचार से जुड़े दर्ज मामलों में 2883 ट्रेप केस (69.7 फीसदी), इसके बाद 547 क्रिमिनल मिसकंडक्ट (13.2 फीसदी) केस पाए गए। वहीं, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में 4993 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 852 लोगों को अपराधी ठहराया गया। वहीं भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों दोषी पाये गये 445 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।
भारत की भ्रष्टाचार रैंकिंग में बढ़ोतरी International Anti-Corruption Day
दुनियाभर के भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली एवं सर्वे करने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ओर से भ्रष्टाचार के मामले में हर साल भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (Corruption Perception Index-CPI) जारी किया जाता है। इस सूची के अनुसार 2022 में भारत को 40 अंक मिला था। यह सर्वे 180 देशों के बीच हुआ था, जिसमें भारत का स्थान 85वां था। पीएम नरेंद्र मोदी 2014 में सत्ता में आये थे। उस समय भारत का भ्रष्टाचार में सीपीआई रैंकिंग 38वां था। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के रैंकिंग (सीपीआई) में 2 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इसी सूचकांक को तैयार करने के लिए कोई भी डेटा स्वयं जेनरेट नहीं करता है। अर्थात कोई भी सर्वे वह स्वयं नहीं करता है। दुनिया की जानी मानी संस्थाओं के डेटा के आधार पर विश्लेषण कर सीपीआई जारी किया जाता है। इन संस्थों में विश्व बैंक, विश्व इकोनामिक फोरस, वैश्विक स्तर की निजी रिस्क वंसल्टेंसी फर्म, ग्लोबल थिंक टैंक सहित अन्य एजेंसियों के डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।
देशविदेश की खबरों से अपडेट रहने लिए चेतना मंच के साथ जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुकपर लाइक करें या ट्विटरपर फॉलो करें।