अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 - 19 से 6 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में होगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पहुंचेगी कुरुक्षेत्र
भारत
चेतना मंच
19 Nov 2022 04:26 PM
International Geeta Mahotsav 2022-हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र में 19 नवंबर से लेकर 6 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजित किया जाएगा। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu India President) भी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में 29 नवंबर 2022 को ब्रह्मसरोवर पर गीता यज्ञ पूजन में मुख्य कार्यक्रमों का औपचारिक उद्घाटन देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों किया जाएगा। इसके अलावा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का उद्घाटन भी श्रीमती राष्ट्रपति द्वारा होगा।
हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal Hariyana CM) ने आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 19 नवंबर से 6 दिसंबर तक होने वाले "अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव" के सभी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों और सभी देशवासियों को इस पवित्र महोत्सव में भाग लेने के लिए कुरुक्षेत्र में आमंत्रित भी किया है। उन्होंने कहा कि -"हमारी सरकार द्वारा विकास के मानदंड केवल बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें भवन इत्यादि तक ही सीमित नहीं है बल्कि आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विकास के साथ ही समग्र विकास सुनिश्चित करना हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।"
सरस एवं क्राफ्ट मेले का होगा आयोजन -
कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर 19 नवंबर से लेकर 6 दिसंबर तक होने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव' (International Geeta Mahotsav) में सरस एवं क्राफ्ट मेले का भी आयोजन किया जाएगा। इस मेले में देशभर के मूर्तिकारों ने महाभारत और गीता पर आधारित 21 विशेष पत्थर की मूर्तियां बनाई है। इसमें विभिन्न शिल्पकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पुरुषोत्तमपुरा बाग, ब्रह्मसरोवर में एक विशेष मंडप स्थापित किया गया है जो राज्य की संस्कृति, शिल्प और भोजन पर प्रकाश डालता है। गीता स्थली कुरुक्षेत्र आस्था और पर्यटन का संगम है। हाल ही में ज्योतिसर में भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप का रावण किया गया था।
साल 1989 से हो रहा है गीता महोत्सव-
भारत के राज्य हरियाणा में स्थित कुरुक्षेत्र शहर 'धर्मक्षेत्र' और 'भगवत गीता' की भूमि के रूप में भी जाना जाता है। हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ में 'महाभारत' में जिस महाभारत के युद्ध की व्याख्या की गई है, वह कुरुक्षेत्र के मैदान में ही हुई थी। कुरुक्षेत्र में ही मिश्रित थानेश्वर एक तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है जिसका व्याख्यान महाभारत ने भी हुआ है।
कुरुक्षेत्र शहर में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सहयोग से साल 1989 से प्रतिवर्ष गीता महोत्सव का उत्सव मनाया जा रहा है। साल 2016 में गीता जयंती के त्योहार को हरियाणा सरकार ने "अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव" (International Geeta Mahotsav) के रूप में मनाने का फैसला लिया। इसके 5 साल 2017, 2018 और 2019 में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। अब साल 2022 में 19 नवंबर से 6 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का उत्सव मनाया जाएगा। इस साल इस उत्सव में मध्यप्रदेश राज्य भागीदार राज्य के रूप में हिस्सा ले रहा है, जबकि नेपाल देश भागीदार देश के रूप में इस उत्सव में हिस्सा ले रहा है।