आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी की पूरी जीवनी जानिए। प्री-बोर्ड में असफलता, पिता की बात, आईआईटी दिल्ली, कॉरपोरेट नौकरी और यूपीएससी में 381वीं रैंक से आईपीएस बनने तक का सफर और अमेरिका में मिलने वाला द एशियन हीरो अवार्ड।

कभी प्री-बोर्ड परीक्षा में असफल हुए एक छात्र ने आगे चलकर आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई की, कॉरपोरेट नौकरी की और फिर यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बन गया। यह कहानी है बिहार कैडर के 2021 बैच के आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी की, जिनकी जिंदगी में पिता की एक बात ने ऐसा मोड़ लाया, जिसने उनकी सोच और पढ़ाई दोनों बदल दी। तीसरे प्रयास में यूपीएससी पास कर 381वीं रैंक हासिल करने वाले मोहिबुल्लाह ने अपने लिए पुलिस सेवा का रास्ता चुना। आज उनके सफर की चर्चा एक और वजह से हो रही है। उन्हें अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाना है। आखिर प्री-बोर्ड में असफलता से अमेरिका के सम्मान तक मोहिबुल्लाह का सफर कैसा रहा?
मोहिबुल्लाह अंसारी मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के रहने वाले हैं। उनके जीवन की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि पढ़ाई के शुरुआती दौर में उनका प्रदर्शन ऐसा नहीं था, जिससे कोई अंदाजा लगा सके कि आगे चलकर वह देश की प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होंगे। दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई के दौरान प्री-बोर्ड परीक्षा में उनके नंबर काफी खराब आए। पढ़ाई में इस तरह के प्रदर्शन से उनके पिता भी नाराज हुए। इसी दौरान पिता की कही एक बात मोहिबुल्लाह के लिए जिंदगी बदलने वाली साबित हुई।
मोहिबुल्लाह अंसारी के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक उनके पिता चाहते थे कि बेटा आईआईटी में पढ़े। लेकिन जब पढ़ाई में प्रदर्शन खराब रहा तो पिता ने उन्हें पहले पास होने लायक नंबर लाने की बात कही। पिता की नाराजगी और उनकी बात का मोहिबुल्लाह पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने पढ़ाई को गंभीरता से लेना शुरू किया। इसके बाद उनकी मेहनत बढ़ती गई और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी पढ़ाई की दिशा ही बदल दी। जिस छात्र को कभी प्री-बोर्ड में असफलता मिली थी, उसी ने आगे चलकर जेईई मेन्स और जेईई एडवांस जैसी कठिन परीक्षाओं को पास किया।
लगातार मेहनत के बाद मोहिबुल्लाह अंसारी ने जेईई मेन्स और जेईई एडवांस की परीक्षा पास की। वर्ष 2011 में उन्हें आईआईटी दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दाखिला मिला। आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पहुंचना उनके सफर का एक बड़ा पड़ाव था। यहां उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। स्कूली दिनों की असफलता से निकलकर देश के प्रमुख तकनीकी संस्थान तक पहुंचने का यह सफर उनकी जिंदगी में आए बदलाव को दिखाता है।
आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोहिबुल्लाह अंसारी ने कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी शुरू की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उनके पास एक सामान्य कॉरपोरेट करियर बनाने का रास्ता था, लेकिन कुछ समय काम करने के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया। उनके मन में भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा में जाने की इच्छा पैदा हुई। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया।
यूपीएससी की तैयारी के लिए मोहिबुल्लाह अंसारी वर्ष 2015 में दिल्ली चले गए। यहां उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता उन्हें पहली कोशिश में नहीं मिली। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखते हुए दोबारा प्रयास किया। आखिरकार तीसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता मिली।
मोहिबुल्लाह अंसारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 381वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ। 28 मार्च 2022 को उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में कदम रखा। वर्ष 2021 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में उनकी पुलिस सेवा की शुरुआत हुई। आईआईटी से इंजीनियर बनने के बाद कॉरपोरेट नौकरी और फिर यूपीएससी की तैयारी का फैसला उनके करियर को एक बिल्कुल अलग दिशा में ले गया। तीसरे प्रयास में मिली सफलता ने उन्हें पुलिस सेवा तक पहुंचा दिया।
आईपीएस बनने के बाद मोहिबुल्लाह अंसारी ने बिहार में पुलिस अधिकारी के तौर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी सेवा यात्रा में सारण में सहायक पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम करने का दौर भी रहा। वर्ष 2025 में उन्हें पटना में कानून व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारी मिली। वर्तमान में वह पटना में एसडीपीओ द्वितीय, कानून व्यवस्था के पद पर कार्यरत हैं और पे लेवल 11 के अधिकारी हैं।
मोहिबुल्लाह अंसारी के सफर में अब एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। उन्हें अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह सम्मान 13 दिसंबर 2026 को फ्लोरिडा के टाम्पा में आयोजित होने वाले सातवें वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल 2026 में दिया जाना है। इस कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट यूएसए इंक की ओर से किया जा रहा है। आयोजक संस्था की ओर से भेजे गए पत्र के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार मोहिबुल्लाह अंसारी को लोकसेवा, नेतृत्व, ईमानदारी और समाज कल्याण के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के शामिल होने की बात भी कही गई है।
मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी का सबसे खास पहलू यही है कि उनके सफर में शुरुआत की असफलता ही आगे की सफलता की वजह बनी। प्री-बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन से परेशान होने वाले मोहिबुल्लाह ने पिता की बात को चुनौती की तरह लिया और पढ़ाई में मेहनत शुरू कर दी। इसके बाद जेईई की परीक्षा पास की, आईआईटी दिल्ली पहुंचे, केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और फिर कॉरपोरेट नौकरी की। लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग मंजिल चुनी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। पहले दो प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने कोशिश नहीं छोड़ी। तीसरे प्रयास में 381वीं रैंक हासिल कर उन्होंने आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।
आज उनकी कहानी सिर्फ एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर उनकी पहचान तक सीमित नहीं है। यह उस सफर की कहानी है जिसमें एक छात्र की शुरुआती असफलता, पिता की सख्त बात, लगातार मेहनत, आईआईटी की पढ़ाई, कॉरपोरेट करियर छोड़ने का फैसला और यूपीएससी में सफलता जैसे कई पड़ाव शामिल हैं। अब अमेरिका में मिलने वाला ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ उनके इस सफर में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
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