Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। जगदीप धनखड़ जाट समाज से आते हैं। जाट समाज के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने जगदीप धनखड़ का जबरन इस्तीफा लिया है। जाट नेताओं ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि जगदीप धनखड़ को जाट होने की सजा मिली है। जाट नेताओं का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हमेशा से जाट समाज के विरोध में रहे हैं। भाजपा ने जाट समाज को हमेशा से हाशिए पर रखने का काम किया है। जगदीप धनखड़ का इस्तीफा भाजपा की जाट विरोधी मानसिकता का ताजा उदाहरण है।
पूरे उत्तर भारत के जाट नेताओं ने किया जगदीप धनखड़ का समर्थन
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा राजस्थान आदि प्रदेशों में जाट समाज से आने वाले नेता जगदीप धनखड़ का समर्थन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि जगदीप धनखड़ हमेशा किसानों का समर्थन करते थे। किसानों का समर्थन करना भाजपा को रास नहीं आया। इस कारण जगदीप धनखड़ का इस्तीफा ले लिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा में किसान नेताओं के साथ पहले भी सौतेला व्यवहार होता रहा है। राजस्थान प्रदेश की राजनीति करने वाले गोविंद सिंह डोटासरा ने भी भाजपा जाट समुदाय की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमेशा जाट समुदाय को हाशिए पर रखा है। जगदीप धनखड़ का इस्तीफा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भाजपा में किसानों और जाटों के लिए कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर यूज एंड थ्रो की नीति अपनाने का भी आरोप लगाया।
जगदीप धनखड़ के मामले में चौधरी देवीलाल के बेटे ने भी लगाया आरोप
हरियाणा प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री व चौधरी देवीलाल के बेटे चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने जगदीप धनखड़ से इस्तीफा स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है। चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि जगदीप धनखड़ से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं और पहली बार चौधरी देवीलाल ही उन्हें राजनीति में लाए थे। चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि पारिवारिक रिश्ते होना एक अलग बात है लेकिन जब से जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया है। तभी से इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है। चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि इस सरकार में 3 जाट समुदाय से गवर्नर बनाए गए हैं, जिनमें आचार्य देवव्रत, सत्यपाल मलिक और जगदीप धनखड़ हैं। जिनमें धनखड़ को उपराष्ट्रपति बनाया गया था। रणजीत चौटाला ने कहा कि जाट कौम में पहली बार किसी को उपराष्ट्रपति बनाया गया है, जो कि बड़े सम्मान की बात है। हरियाणा, यूपी और राजस्थान से लोगों का इस बड़े पद पर भरोसा था। इतने बड़े पद पर पीएम मोदी ने भी उनके लिए भरोसा जताया था। लेकिन एकदम से उपराष्ट्रपति के पद से हटाना बड़ा चर्चा का विषय है। रणजीत चौटाला ने कहा कि हो सकता है कि उनका स्वास्थ्य ठीक ना हो लेकिन भाजपा को सही से एक बार सब साफ करना चाहिए।