
JAISHANKAR & SUPRIYA[/caption]
सुप्रिया ने दावा किया, गलवान में हमारे 20 जवानों की शहादत हुई है, लेकिन हमारे देश के विदेश मंत्री कह रहे हैं कि हम छोटी अर्थव्यवस्था हैं इसलिए चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था पर हमला नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया, विदेश मंत्री ने देश के उन सैनिकों का हौंसला तोड़ने का काम किया है जो हर मौसम औेर परिस्थिति में खड़े रहकर देश की भूभागीय अखंडता की रक्षा करते हैं। यह चीन पर किसी मंत्री का सबसे विवादित बयान है।
सुप्रिया ने कहा, विदेश मंत्री दंभ भर रहे हैं कि वह चीन में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले भारतीय राजदूत हैं। लेकिन वह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन का नाम नहीं लेते। उन्होंने सवाल किया, विदेश मंत्री चीनी अतिक्रमण पर क्या कहेंगे? अप्रैल 2020 वाली यथास्थिति बहाल करने के बारे में क्या कहेंगे? वे स्थान बफर जोन क्यों बन गए जहां भारत के जवान पहले गश्त लगाते थे? क्या प्रधानमंत्री को आपने यह बोलने की सलाह दी कि कोई घुसा हुआ नहीं है? चीन सीमा पर पुल और रेलवे का जाल बिछा रहा है, इससे होने वाले खतरे पर आप चुप क्यों हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कटाक्ष करते हुए यह भी पूछा, क्या जयशंकर चीन को लेकर ‘स्टॉकहोम सिंड्रोम’ (बुरा करने वाले से ही लगाव होने की मनोदशा) के शिकार हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि वह इस देश के सबसे विफल विदेश मंत्री हैं।
सुप्रिया ने कहा, भारत में ढाई साल से अमेरिका का कोई राजदूत नहीं है। 2.25 लाख भारतीय नागरिकों ने पिछले साल भारत की नागरिकता छोड़ दी। हमारे पासपोर्ट की रैकिंग गिर गई। यह सब किसकी विफलता है? उन्होंने दावा किया, सरकार हर चीज में विदेशी साजिश की बात करने लगती है। अगर कोई साजिश हो रही है तो उसे नहीं रोक पाने के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके लिए विदेश मंत्री जिम्मेदार हैं।