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उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश तथा राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) की सिफारिश पर जबलीपुरा में इस संपत्ति को सील किया गया। उन्होंने बताया कि एसआईए द्वारा दर्ज एक मामले में अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस संपत्ति को अधिसूचित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन की उपलब्धता रोकने, राष्ट्रविरोधी तत्वों के पारितंत्र को तथा भारत की संप्रभुता के विरोधी आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास के तहत अबतक जेईआई की कई संपत्तियां सील की जा चुकी हैं।
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