संघ में होगा बड़ा बदलाव, बैठक में मंथन शुरू

RSS तथा संघ के नाम से बुलाया जाता है। इन दिनों RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर RSS का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस बीच RSS में बहुत बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी भी शुरू हो गई है।

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संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद 1
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Mar 2026 06:06 PM
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RSS : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को RSS तथा संघ के नाम से बुलाया जाता है। इन दिनों RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर RSS का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस बीच RSS में बहुत बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी भी शुरू हो गई है। RSS के संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के मकसद से RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक बुलाई गई है। RSS की यह बैठक हरियाणा के समालखा शहर में 13 मार्च को शुरू हो गई है। बैठक 15 मार्च तक चलेगी।

बैठक में तय होगा RSS का नया संगठन

हरियाणा में शुरू हुई RSS की बैठक के विषय में RSS के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी। प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का इस वर्ष महत्व ज्यादा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में 1400 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के शुरू होने के बाद दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें कांग्रेस नेता पुर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के पुर्व मुख्यमंत्री अजित पवार को भी श्रद्धांजलि दी गई। प्रेसवार्ता में बताया गया कि बैठक में संघ के संगठन में बदलाव की रूपरेखा बनाई जाएगी।

RSS का संगठन बदलेगा

सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने बताया है कि ;संघ में संगठनात्मक बदलाव का चिंतन चल रहा है, जो होगा बताया जाएगा। संघ भौगोलिक रचना के संबंध में सोच रहा है, इस बार भी ऐसा संघ कर रहा है। संगठनात्मक आवश्यकता देखते हुए हम लोग बदलाव करते हैं और इस बार भी हम कर रहे हैं।; यूजीसी के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए CR मुकुंद ने कहा कि ;संघ का जन्म हुआ, हिंदू समाज के संगठन के लिए, हिंदू समाज में जो भी भेदभाव है उसको दूर करने के लिए। जो भी कुछ असंतुलन हुआ है, कोर्ट ने संज्ञान लिया है, सरकार भी प्रयास करेगी।; बैठक में जानकारी दी गई है कि ;संघ की शाखओं के आंकड़े में काफी ज्यादा वृद्धि हुई है। कुल शाखाओं कि वृद्धि 5000 हुई है। संघ हर घर, हर गांव में संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। अब तक संघ 10 करोड़ परिवार तक पहुंच चुका है। 300000 से ज्यादा गांव तक पहुंच चुका है। संघ गृह संपर्क के दौरान केरल राज्य में कम्युनिस्ट विचारधारा के साथ- साथ मुस्लिम, क्रिश्चियन सभी घरों में जा रहा है। 55000 के आसपास मुस्लिम घरों में, 54000 क्रिश्चियन घरों में

संघ के स्वयंसेवक गये, हर जगह उनका स्वागत हुआ।;

36 हजार ​हिंदू सम्मेलन किए हैं RSS ने

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि ;संघ ने अब तक 36 हजार हिंदू सम्मेलन किए हैं

और अभी और भी हिंदू सम्मेलन अपेक्षित है। 3 से 4 महीने और हिंदू सम्मेलन किए जाएंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में

प्रस्तुति सहज हो रही है, इसका संघ ने स्वागत किया है। मणिपुर की स्थिति सुधर रही है इसका भी संघ स्वागत

करता है। बांग्लादेश सरकार से संघ आग्रह कर रहा है कि हिंदुओं का संरक्षण करे।;

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नाबालिग छात्रा को सामूहिक दुष्कर्म के बाद कुएं में फेंका, हुई मौत

सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

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सामूहिक दुष्कर्म
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Mar 2026 04:03 PM
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Gang Rape : बिहार के सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि कुछ युवकों ने पहले छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में उसे कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

छात्रा को पकड़कर जबरन ले जाने का आरोप

परिवार के लोगों के मुताबिक घटना बुधवार देर शाम की है। बताया जा रहा है कि छात्रा अपने घर के आसपास थी, तभी कुछ युवकों ने उसे पकड़ लिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी उसे जबरन एक सुनसान जगह पर ले गए और वहां उसके साथ गलत काम किया। 

घटना के बाद छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोप है कि अपनी करतूत छिपाने के लिए आरोपियों ने उसे पास के एक कुएं में फेंक दिया।

कुएं में पानी होने से नहीं बच सकी जान

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस कुएं में छात्रा को फेंका गया, उसमें पर्याप्त पानी भरा हुआ था। घायल अवस्था में कुएं में गिरने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौत हो गई। बाद में जब आसपास के लोगों को इस घटना की जानकारी मिली तो गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। परिजनों के मुताबिक छात्रा अपनी मां और दो बहनों के साथ गांव में रहती थी। उसके पिता काम के सिलसिले में दूसरे राज्य में रहते हैं और घर पर कम ही आ पाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से बेहद दुखी और आक्रोशित दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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भारत में नहीं होगा तेल तथा गैस का संकट, अफवाहों में दम नहीं

भारत में तेल तथा गैस का कोई संकट नहीं है। भारत सरकार की दूरदर्शी नीति के कारण भारत में तेल तथा गैस का संकट कभी भी नहीं होगा। भारत में तेल तथा गैस का संकट पैदा होने की तमाम खबरें केवल अफवाहें हैं।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar13 Mar 2026 01:50 PM
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India oil and gas crisis : भारत में तेल तथा गैस का कोई संकट नहीं है। भारत सरकार की दूरदर्शी नीति के कारण भारत में तेल तथा गैस का संकट कभी भी नहीं होगा। भारत में तेल तथा गैस का संकट पैदा होने की तमाम खबरें केवल अफवाहें हैं। भारत सरकार ने घोषणा की है कि तेल तथा गैस के संकट को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। भारत ने अपनी जरूरत का भरपूर तेल खास प्रकार की गुफाओं में सुरक्षित रखा हुआ है। 

गुफाओं में भरा पड़ा है भारत के लिए भरपूर तेल

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि भारत में बनाई गई खास प्रकार की गुफाओं में भारत की जरूरत भर का तेल सुरक्षित है। ऊपर से भारत के सबसे पुराने मित्र देश रूस ने वायदा किया है कि भारत में तेल तथा गैस की कमी पैदा नहीं होने दी जाएगी। भारत सरकार ने दूरदर्शी रणनीति के तहत ‘सीक्रेट ऑयल केव्स’ बना रखी है। आपको बता दें कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में भूमिगत तेल भंडारण गुफाएं (Underground Oil Storage Caverns) बनाईं और तेल आयात के स्रोतों को व्यापक रूप से विविध बनाया गया। भारत की ऊर्जा सुरक्षा का सबसे अहम आधार उसकी भूमिगत रणनीतिक तेल भंडारण गुफाएं हैं. ये तीन प्रमुख स्थानों पर बनाई गई हैं- विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में. इन गुफाओं को भारतीय सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड ने विकसित किया है। इनकी कुल भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (करीब 4 करोड़ बैरल) है, जो भारत की लगभग 10 दिनों की जरूरत पूरी कर सकती है। इन भूमिगत भंडारों की खासियत यह है कि ये ड्रोन या मिसाइल हमलों से सुरक्षित रहते हैं, प्राकृतिक आपदाओं से कम प्रभावित होते हैं, आग या तेल रिसाव का खतरा कम होता है. सरकार ने अभी तक इन रणनीतिक भंडारों का इस्तेमाल नहीं किया है. जरूरत पड़ने पर ये आपूर्ति संकट के दौरान एक सुरक्षा कवच का काम करते हैं।

भारत 40 देशों से आयात कर रहा है तेल

ईरान युद्ध के बाद भारत ने अपने तेल आयात के स्रोतों को और अधिक विविध बनाया है। सरकार के मुताबिक अब भारत करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिनमें यूरोप, लैटिन अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका शामिल हैं. अब भारत के करीब 70% तेल आयात ऐसे समुद्री मार्गों से आ रहे हैं जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं, जबकि पहले यह हिस्सा करीब 50-55% था। भारत की ऊर्जा रणनीति में रूस से आयात होने वाला तेल भी अहम भूमिका निभा रहा है. पिछले साल इस मुद्दे पर अमेरिका ने भारत की आलोचना की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ भी लगाया था. लेकिन मार्च 2026 में मिडिल ईस्ट संकट के चलते अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दे दी. इसके बाद भारत ने तेजी से रूसी तेल खरीद बढ़ा दी। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत ने करीब 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदा है, जो दक्षिण एशिया के आसपास टैंकरों में मौजूद था। ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए भारत ने अफ्रीकी देशों से भी खरीद बढ़ाई है. अंगोला से मार्च के पहले 10 दिनों में करीब 34 लाख बैरल तेल आयात किया गया. वहीं कांगो गणराज्य से करीब 19 लाख बैरल तेल खरीदा गया. विशेषज्ञों के मुताबिक कुल मिलाकर भारत के पास लगभग 10 करोड़ बैरल तेल तक की संभावित उपलब्धता है।

एलपीजी के लिए भी है भूमिगत भंडारण 

ईरान के साथ चल रहे अमेरिका के युद्ध के कारण भारत में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में बढ़ोतरी जरूर हुई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं। इस दौरान भारत सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग कर घरेलू LPG उत्पादन 25% तक बढ़ा दिया है। दरअसल, एलपीजी के लिए भी भारत ने भूमिगत भंडारण सुविधा विकसित की है. मंगलुरु में 500 मीटर गहराई पर बना भारत का सबसे बड़ा एलपीजी भंडार, जिसकी क्षमता 80,000 टन है. विशाखापट्टनम में दूसरा भंडार, जिसकी क्षमता 60,000 टन है। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे और भंडार बनाए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अफवाहों पर ना दें ध्यान

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आश्वस्त किया है कि भारत के पास तेल तथा गैस की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने तेल तथा गैस की कमी के लिए फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि तेल तथा गैस की कालाबाजारी करने वालों के साथ सख्ती के साथ निपटा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिमी एशिया में मौजूद संकट से दुनिया का कोई भी देश अछूता नहीं है। भारत सरकार अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार के प्रयास प्राथमिकता के आधार पर कर रही है। India oil and gas crisis


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