Jewar/Greater Noida: जेवर/ग्रेटर नोएडा। विधानसभा का चुनाव अपने पीक पर है। मतदान से मात्र दो दिन पूर्व (कल) जेवर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभा करने आए थे। इस हाई प्रोफाइल सभा में भाजपा के बड़े नेताओं की अनुपस्थिति पूरे क्षेत्र में बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्लेषकों का दावा है कि भाजपा में हुई खुल्लम-खुल्ला बगावत इस सीट के नतीजों की तरफ साफ संकेत कर रही है। सब जानते हैं कि जेवर क्षेत्र के चुनाव में दादरी के सम्राट मिहिर भोज मूर्ति प्रकरण की तपिश साफ झलक रही है। मूर्ति प्रकरण के कारण इस सीट पर निर्णायक भूमिका निभाने वाला गुर्जर समाज भाजपा व उसके प्रत्याशी धीरेन्द्र सिंह से बेहद खफा है। चुनाव शुरू होते-होते गुर्जर समाज असमंजस में था कि दो गुर्जर प्रत्याशियों में से किसके पक्ष में खड़ा हो। जैसे-जैसे क्षेत्र में रालोद प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना की हवा... बनने लगी गुर्जर समाज रालोद के पक्ष में लामबंद नजर आने लग। किसान आंदोलन के कारण भाजपा से खफा किसान वर्ग से जुड़ा हुआ दूसरा सबसे प्रभावी वोटर समाज यानि जाट पहले से ही भाजपा के खिलाफ व रालोद के पक्ष में खड़ा था। इन दोनों की एकजुटता देखकर समाजवादी पार्टी का कोर वोटर मुस्लिम समाज भी रालोद के पक्ष में गोलबंद हो गया।
बात करें ब्राहमण समाज की तो क्षेत्रीय सांसद डा. महेश शर्मा वे धीरेन्द्र सिंह के बीच कटु रिश्तों के कारण यह समाज पहले से ही धीरेन्द्र सिंह के खिलाफ थ। इस प्रकार चुनाव का दिन नजदीक आते-आते धीरेन्द्र सिंह के समर्थकों को अपनी चुनावी नैया डूबती हुई नजर आयी।चुनावी नैया को डूबने से बचाने के लिए धीरेन्द्र सिंह ने कल आखिरी हथियार के तौर पर पार्टी में अपने सबसे बड़े हिमायती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा कराने के लिए बुलाया। मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार समाप्त होते-होते रबूपुरा कस्बे में पहुंचे और मात्र 8 मिनट सभा को संबोधित करके धीरेन्द्र सिंह को जिताने की अपील की। यह अपील कितनी कारगर साबित होगी। यह तो आने वाला समय तय करेगा किन्तु इस सभा ने क्षेत्र में एक संकेत साफ दे दिया। इस सभा में क्षेत्रीय सांसद डा. महेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद्र शर्मा, पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, भाजपा पश्चिमी उप्र के महामंत्री हरीश सिंह समेत पार्टी के ज्यादातर नेता नदारद रहे। धीरेन्द्र सिंह ने इन सबको बुलाने का अंतिम समय तक प्रयास किया किन्तु भाजपा संगठन ने एक तरह से इस जनसभा का बहिष्कार ही किया। यह जनसभा पूरे दादरी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।