ओडिशा के कटक में बड़ा हादसा, ICU में आग से 10 मरीजों की मौत

ओडिशा के कटक शहर से सोमवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। ओडिशा के कटक शहर स्तिथ एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया।

घायलों से मिले CM मोहन माझी
घायलों से मिले CM मोहन माझी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 09:58 AM
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Odisha News : ओडिशा के कटक शहर से सोमवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। ओडिशा के कटक शहर स्तिथ एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज झुलस गए। मृतकों की अंतिम संख्या को लेकर अब भी आधिकारिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि यह आग देर रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे के बीच लगी। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन, दमकल विभाग और स्वास्थ्यकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

दम घुटने से गई कई मरीजों की जान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग ICU वार्ड में लगी, जहां कई गंभीर मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थे। अधिकारियों का कहना है कि आग के बाद फैले धुएं और दम घुटने की वजह से कई मरीजों की मौत हुई। हादसे में पांच अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलसने की भी सूचना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई मरीजों को तत्काल अस्पताल परिसर के दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया, ताकि उनका इलाज बिना रुकावट जारी रह सके। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजनों में दहशत फैल गई।

हालात का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन माझी

घटना की सूचना मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी अस्पताल पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित मरीजों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं, ताकि आग लगने की असली वजह और किसी संभावित लापरवाही का पता लगाया जा सके। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायल और प्रभावित मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो। Odisha News

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नोएडा से मुंबई तक गैस संकट गहराया, कई होटल बंद

ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है। देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है। मुंबई से लेकर नोएडा तक लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े लोग
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 01:28 PM
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New Delhi/Noida/Mumbai : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है। देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है। मुंबई से लेकर नोएडा तक लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई परिवारों को दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही गुजारा करना पड़ रहा है।

2 से 8 दिन तक रिफिल में देरी 

मौजूदा संकट के चलते कई शहरों में गैस सिलेंडर की रिफिल मिलने में 2 से 8 दिन तक की देरी हो रही है। घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है और लोग सिलेंडर के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसका असर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुंबई में होटल-रेस्टोरेंट पर असर 

मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। कई इलाकों में लोग सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिसके कारण शहर के करीब 20 से 40 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं। कांदिवली जैसे इलाकों में रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए।

फर्जी डिलीवरी मैसेज से बढ़ी परेशानी

कई लोगों ने शिकायत की है कि उनके मोबाइल फोन पर एलपीजी सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ रहा है, लेकिन वास्तव में सिलेंडर उनके घर तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में लोग खुद एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। रविवार होने के कारण कई लोग निराश भी दिखे, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि एजेंसी खुली मिलेगी।

नोएडा में तीन दिन से नहीं आई सिलेंडर की गाड़ी

नोएडा के सेक्टर-5 में भी लोगों की परेशानी कम नहीं है। यहां तीन से चार दिन से गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं पहुंची है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही गाड़ी से पूरे इलाके में सिलेंडर बांटे जाते हैं, लेकिन कई दिनों से गाड़ी नहीं आई। इसके कारण लोग सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं और घंटों इंतजार करते हैं।

सत्तू और दही-चूड़ा से चला रहे काम

गैस की कमी के कारण कई परिवारों के घरों में चूल्हा ठंडा पड़ा है। लोगों ने बताया कि दो से तीन दिन से घर में सिलेंडर नहीं है, ऐसे में पड़ोसियों से सिलेंडर उधार लेकर या बिना गैस के ही काम चलाना पड़ रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले दो दिन से दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही भूख मिटा रहा है, क्योंकि घर में खाना बनाने का कोई साधन नहीं बचा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर निगरानी समितियां गठित की हैं, ताकि सिलेंडर की आपूर्ति पर नजर रखी जा सके और कालाबाजारी को रोका जा सके। हालांकि आम लोगों को अभी भी राहत का इंतजार है।


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5 राज्यों में चुनाव का बिगुल! आज शाम चुनाव आयोग करेगा बड़ी घोषणा

आज शाम करीब 4 बजे भारतीय निर्वाचन आयोग पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा। इन राज्यों में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी शामिल हैं। चुनाव आयोग की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता भी कर रही है।

Gyanesh Kumar
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Mar 2026 10:33 AM
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देश की राजनीति एक बार फिर चुनावी मोड में आने जा रही है। आज शाम करीब 4 बजे भारतीय निर्वाचन आयोग पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा। इन राज्यों में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी शामिल हैं। चुनाव आयोग की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता भी कर रही है क्योंकि इसी के साथ इन राज्यों में चुनावी माहौल पूरी तरह से तेज हो जाएगा।

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सबकी नजर

चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पांचों राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मतदान की तारीखें, चरणों की संख्या और मतगणना से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो सकती है।

चुनाव से पहले तैयारियों का लिया गया जायजा

तारीखों की घोषणा से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम ने हाल ही में सभी पांच राज्यों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठकें कर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। आयोग ने मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा, मतदान कर्मचारियों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें।

कितने चरणों में हो सकते हैं चुनाव

सूत्रों के अनुसार इस बार पश्चिम बंगाल में मतदान 4 से 8 चरणों में कराया जा सकता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोग कई चरणों में मतदान कराने की योजना बना रहा है। वहीं असम में 1 से 3 चरणों में चुनाव कराए जाने की संभावना है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आम तौर पर एक चरण में ही मतदान कराया जाता है इसलिए इस बार भी इन्हीं राज्यों में एक या अधिकतम दो चरणों में मतदान हो सकता है। हालांकि अंतिम फैसला चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा पर खास फोकस

पश्चिम बंगाल को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण चुनाव आयोग ने यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास तैयारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक करीब 480 बटालियन केंद्रीय सुरक्षा बल राज्य में तैनात किए जा चुके हैं। मतदान के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग जरूरत के हिसाब से और भी केंद्रीय बल भेज सकता है।

पिछले चुनावों का अनुभव भी रहेगा अहम

साल 2021 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हुए थे जबकि असम में तीन चरणों में मतदान कराया गया था। वहीं तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव संपन्न हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए चरणों की संख्या तय कर सकता है।

अब नजर शाम 4 बजे की घोषणा पर

फिलहाल सभी की निगाहें आज शाम 4 बजे होने वाली चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी इन पांच राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। पार्टियां अपने चुनावी अभियान को पूरी ताकत से आगे बढ़ाएंगी और जनता भी नए सरकार के चुनाव के लिए तैयार हो जाएगी।

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