"बिना पर्ची, बिना खर्ची": पीएम मोदी ने 51 हजार युवाओं को सौंपे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र
Job Fair
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:55 AM
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Job Fair : देश के युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 16वें रोजगार मेले के तहत 51,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए पीएम मोदी ने नियुक्त हुए युवाओं से संवाद किया और उन्हें राष्ट्र सेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
देशभर में 47 स्थानों पर रोजगार मेले का आयोजन
यह रोजगार मेला देश के 47 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों जैसे रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में नियुक्ति के लिए युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस आयोजन के जरिए अब तक 10 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
"हमारी पहचान है बिना पर्ची, बिना खर्ची" : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, केंद्र सरकार में युवाओं को पक्की नौकरी देने का अभियान लगातार जारी है। हमारी पहचान है बिना पर्ची, बिना खर्ची। आज के मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। यह न सिर्फ उनके लिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि ये नियुक्त हुए युवा देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी सेवा के माध्यम से भारत की प्रगति में भागीदार बनेंगे। "हम जहां भी रहें, हमारा लक्ष्य राष्ट्र सेवा होना चाहिए," पीएम मोदी ने यह बात दोहराई।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत के युवाओं की गूंज
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न अपनी पांच देशों की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत की युवा शक्ति की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, आज दुनिया भारत के युवाओं को एक कुशल, प्रेरित और तकनीक-सक्षम कार्यबल के रूप में देख रही है। जितने भी समझौते भारत सरकार ने हाल के दिनों में किए हैं, उनमें युवाओं के लिए अवसर ही अवसर हैं।
रोजगार मेला : एक नजर में
रोजगार मेला, भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य है नियोक्ता और नौकरी चाहने वालों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, यह पहल युवाओं को शीघ्र और उपयुक्त रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कौशल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करती है। प्रधानमंत्री मोदी की 'रोजगार मेला' योजना अब केवल सरकारी भर्ती का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए उम्मीद और अवसर का प्रतीक बन चुकी है। "बिना पर्ची, बिना खर्ची" की नीति ने सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता में इजाफा किया है। आने वाले समय में यह देखना रोचक होगा कि यह मॉडल राज्य सरकारों और निजी क्षेत्रों में भी किस तरह अपनाया जाता है।