भारत के सर्वोच्च न्यायालय से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ भारत के अगले CJI बनने जा रहे हैं। उन्हें वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बाद शीर्ष न्यायिक पद संभालने वाले न्यायाधीश के रूप में देखा जा रहा है।

National News : भारत के सर्वोच्च न्यायालय से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश यानी Chief Justice of India (CJI) बनने जा रहे हैं। 26 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों में उन्हें वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बाद शीर्ष न्यायिक पद संभालने वाले न्यायाधीश के रूप में बताया गया है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का जन्म 24 सितंबर 1962 को हुआ था और उनका कार्यकाल 23 सितंबर 2027 तक है। ऐसे में CJI के रूप में उनका संभावित कार्यकाल लगभग साढ़े सात महीने का होगा। National News
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का न्यायिक सफर उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू होकर गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और फिर भारत के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक उनका जन्म 24 सितंबर 1962 को हुआ। उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद 30 मार्च 1987 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 17 वर्ष से अधिक समय तक वकालत की। वह 24 सितंबर 2004 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और 27 फरवरी 2006 को स्थायी न्यायाधीश बने। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगभग 15 वर्ष न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद उन्हें 10 सितंबर 2019 को गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। National News
गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के कार्यकाल का एक उल्लेखनीय पहलू न्यायिक कार्यवाही में तकनीक का इस्तेमाल रहा। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनके कार्यकाल में गुजरात हाईकोर्ट में अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू हुई। उन्हें भारत के किसी हाईकोर्ट के पहले ऐसे मुख्य न्यायाधीश के रूप में दर्ज किया गया है, जिनके कार्यकाल में कोर्ट proceedings की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू हुई। इसे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता की अदालत की कार्यवाही तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। National News
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को 31 अगस्त 2021 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उस समय एक साथ नियुक्त किए गए नौ नए सुप्रीम कोर्ट जजों में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट में आने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और कानूनी मामलों की सुनवाई की। वह शीर्ष अदालत के प्रशासनिक और न्यायिक दायित्वों से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थाओं में भी भूमिका निभाते रहे हैं। National News
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को न्यायिक कार्य के साथ-साथ कानूनी सहायता और न्याय तक पहुंच से जुड़े क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार वह Supreme Court Legal Services Committee के अध्यक्ष रह चुके हैं। मई 2025 से वह सुप्रीम कोर्ट की e-Committee के चेयरपर्सन के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस समिति की भूमिका भारतीय न्याय व्यवस्था में सूचना एवं संचार तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से जुड़ी है। इसके अलावा 24 नवंबर 2025 को उन्होंने National Legal Services Authority (NALSA) के Executive Chairman का पद संभाला। वह Mediation and Conciliation Project Committee के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इन जिम्मेदारियों का संबंध मुफ्त कानूनी सहायता, न्याय तक पहुंच, कानूनी जागरूकता और वैकल्पिक विवाद समाधान जैसे क्षेत्रों से है। National News
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। 26 सितंबर 2026 की टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की थी और 1986 में कानून की डिग्री हासिल की। उन्हें 2018 में लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से Distinguished Alumni Award भी प्रदान किया गया था। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अगले वर्ष यानी 1987 में अधिवक्ता के रूप में अपना पेशेवर सफर शुरू किया और आगे चलकर देश की न्यायपालिका के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की राह बनाई। National News
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का पूरा न्यायिक सफर उत्तर प्रदेश से विशेष रूप से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।
उनकी न्यायिक यात्रा इस प्रकार रही—
भारत के मुख्य न्यायाधीश पद पर बदलाव की शुरुआत फरवरी 2027 में होगी। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक वर्तमान CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद वरिष्ठता के क्रम में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का नाम अगले CJI के रूप में सामने आ रहा है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के बाद सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व क्रम में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना का नाम भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक सूची में न्यायमूर्ति नागरत्ना की सेवानिवृत्ति 29 अक्टूबर 2027 बताई गई है, जबकि न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की सेवानिवृत्ति 23 सितंबर 2027 निर्धारित है। National News
यदि न्यायमूर्ति विक्रम नाथ CJI का पद संभालते हैं तो उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा होगा, लेकिन इस अवधि में सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन, न्यायिक नियुक्तियों, मामलों की सुनवाई और न्यायिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उनके सामने होंगे। वर्तमान समय में वह स्वयं सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के वरिष्ठ सदस्यों में शामिल हैं। अगस्त 2026 में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित कॉलेजियम की सिफारिशों में भी न्यायमूर्ति विक्रम नाथ कॉलेजियम के सदस्य थे। इस लिहाज से उनका CJI पद तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत न्यायिक यात्रा की अगली कड़ी नहीं होगा, बल्कि भारतीय न्यायपालिका के प्रशासनिक नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जाएगा। National News
इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू हुआ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का सफर गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और फिर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तक पहुंचा। अब 2027 में वह भारत की न्यायपालिका के सर्वोच्च पद—मुख्य न्यायाधीश-ए-हिंद यानी Chief Justice of India—की जिम्मेदारी संभालने की स्थिति में हैं। उनकी पहचान न्यायिक सेवा के साथ-साथ न्याय तक पहुंच, कानूनी सहायता, मध्यस्थता और न्यायपालिका में तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी पहलों के कारण भी बनी है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार 23 सितंबर 2027 उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख है। National News
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