Kanpur: नींद पूरी ना होने से ट्रेन हादसे का खतरा,सिर्फ आठ घंटे का आराम
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भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 05:38 PM
Kanpur: गार्डो यानि ट्रेन मैनेजर की नींद पूरी नही होने से हादसो का खतरा बढ़ रहा है । इन्हे आराम के लिये 10 से 12 घंटे के बजाय सात से आठ घंटे ही मिल पा रहे है । इसके पीछे की वजह खाली पड़े पद है । इसे पूरा करने के लिये कई बार सहायक लोको पायलटो का सहारा लेना पड़ता है । सबसे ज्यादा समस्या लंबी दूरी की ट्रैनो के गार्ड को हो रही है ।
गार्डो को ठीक ढंग से सुविधाएँ नही मिल रही
सेंट्रल स्टेशन पर आने जाने वाली ट्रैनो को दो जगह गार्ड रनिंग रुम है । एक सेंट्रल स्टेशन पर दूसरा गुड्स मार्शलिंग यार्ड यानी जीएमसी गोविंदपुरी मे स्थित है ।इनमे सोने के लिये पहुचने वाले गार्डो को ठीक ढंग से सुविधाएँ नही मिल रही है । कमरो की भी व्यवस्था अच्छी नही है । बात यही नही है इसके साथ और भी कई समस्याएं है । एक कमरे मे एक साथ चार- चार गार्ड सोते है । ऐसे मे कई बार इनकी नींद पूरी नही हो पाती है वर्षो पुराने रनिंग रुम मे आठ बेड है,जबकी नये मानक के तहत कमरे मे दो बेड ही होने चाहिए ।
पूरा आराम नही मिल रहा है
ड्यूटी शुरु होने से गाड़ी जाने तक की देरी का भुगतान दिये जाने के प्रावधान को अधिकारी दरकिनार कर रहे है । आठ घंटे का आराम नही मिल रहा है । नींद पूरी ना होना और ठीक से आराम ना मिल पाने के कारण इसका पूरा असर ट्रेन के संचालन पर पड़ता है । कई बार ट्रेन की रफ्तार बढ़ने पर गार्ड चालको को नियंत्रित करते है । जबकी काशन वाले स्थान पर भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है । इन्हे नींद की झपकी लगने से समस्या खड़ी हो सकती है । पिछ्ले चार दिनो से सेंट्रल स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने लंबित मांगो मे गार्ड की समस्याएं भी मुख्य रूप से उठाई है । गार्ड काउंसिल भी इसे लेकर नाराज है ।