Kanpur Road Accident : कानपुर में रोडवेज बस ने दो भाइयों को कुचला, मौत
Kanpur Road Accident: Roadways bus crushed two brothers in Kanpur, death
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:19 AM
Kanpur Road Accident : कानपुर। यूपी के कानपुर स्थित चौबेपुर थाना क्षेत्र के बागीपुरवा गांव शिवली रोड पर तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार सगे भाइयों को रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक पर सवार चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। बस चालक मौके पर गाड़ी छोड़कर भाग निकला। हादसे में सगे भाइयों के मौत की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया।
छूटी बस पकड़ने में गई सगे जान
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बालीपुर गांव में रहने वाले दीप सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। छुटि्टयां खत्म होने पर बुधवार रात में वह दिल्ली वापस जा रहे थे। उन्हें बाइक से चचेरे भाई रवि (26) और छोटू उर्फ सुजीत (19) छोड़ने के लिए चौबेपुर तक आए थे, लेकिन देरी होने के चलते दिल्ली जाने वाली बस सामने से ही छूट गई। बाइक सवार तीनों ने बस को पकड़ने का प्रयास किया और ओवरटेक करते हुए हाथ देकर रोकने का प्रयास किया। लेकिन तेज रफ्तार बस चालक बस रोक नहीं सका और सगे भाई रवि और सुमित को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दीप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
बस ड्राइवर मौके से भाग निकला
हादसे के बाद रोडवेज चालक मौके से भाग निकला। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और चौबेपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस तीनों को सीएचसी लेकर पहुंची। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने भी रवि और छोटू उर्फ सुजीत को मृत घोषित कर दिया। जबकि दीप को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर कर दिया गया। चौबेपुर थाना प्रभारी ने बताया कि कानपुर के विकास नगर डिपो की रोडवेज बस से हादसा हुआ है। बस को ओवरटेक करके रोकने के चक्कर में हादसा हुआ है। बस चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर मामले में रिपोर्ट दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सगे भाइयों की मौत से छाया मातम
हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे महेश कठेरिया अपने दोनों बेटों रवि और सुजीत का शव देखते ही गश खाकर गिर पड़े। मां माया देवी भी खबर मिलते ही बदहवास हो गईं। उधर गंभीर रूप से घायल दीप सिंह को उनके पिता बंजारी लाल और परिवार के लोग हैलट लेकर भागे। सगे भाइयों के मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के सैकड़ों लोगों की भीड़ महेश कठेरिया के घर पर पहुंच गई। पूरे गांव में मातम छा गया।