Kanwar 2022: बागपत के बाबू खान ने हरिद्वार से उठाई कांवड़
Kanwar Yatra 2022
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:02 AM
Kanwar Yatra 2022 : भगवान भोले के भक्तों के अनेक रूप हैं, जिसे सिर्फ भक्त ही महसूस कर सकते हैं। जाति धर्म से ऊपर उठकर कई लोग बाबा की भक्ति में रम जाते हैं। ऐसे ही हैं बागपत के बाबू खान। वह हरिद्वार की हर की पैड़ी से कांवड़ उठाते हैं। कंधे पर कांवड़ रखकर बोल बम का जयघोष लगाते हैं। उन्हें शिवरात्रि को गंगा जल शिवलिंग पर चढ़ाना है। इसलिए बागपत में पुरा महादेव मंदिर उन्हें पहुंचना है।
बाबू खान की ही तरह हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। यहां दूर-दूर तक यहां भगवा नजर आ रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि आज सुबह तक लगभग सवा करोड़ कांवड़ियों ने गंगा नदी से जल लिया है। यहां पहुंचने से पहले हाईवे पर भी कांवड़ियों का सफर जारी है।
52 साल के बाबू खान बागपत में रंछाड गांव के रहने वाले हैं। पेशे से मजदूर हैं। वह बताते हैं, मैं साल 2018 से कांवड़ लेकर आ रहा हूं। ये कांवड़ भोले शंकर के नाम की थी। 2019 में दूसरी कांवड़ पार्वती माता के नाम उठाई थी। तीसरी कावंड़ 2022 में भगवान गणेश के नाम पर लेकर जा रहा हूं। वह बताते हैं, मैं आजादपुर मंडी दिल्ली में ट्रक चलाता था। ये 2018 की बात है। उस वक्त कांवड़ यात्रा चल रही थी। जब मैं कैराना पुलिस चौकी के नजदीक पहुंचा तो वहां पर जाम लगा हुआ था। हजारों कांवड़िए आगे चल रहे थे। वहीं पर मेरे मन में ख्याल आया कि अगर मैं भी कांवड़िया होता तो इसी तरह कांवड़ लेकर आ रहा होता। बाबू खान ने कहा, जब मैं पहली बार कांवड़ लेने के लिए गया तो घर में खूब लड़ाइयां हुई। परिवार को जैसे-तैसे समझाया। 2018 में पुरा महादेव मंदिर पर जलाभिषेक करने के बाद अगले दिन मैं मस्जिद में सुबह 5 बजे वाली नमाज पढ़ने के लिए गया। वहां मेरा बहिष्कार कर दिया गया। मुझे मस्जिद से बाहर निकाल दिया गया। इसके लिए मैंने कानूनी लड़ाई लड़ी और मस्जिद से मुझे बाहर निकालने वाले कई लोग जेल भी गए थे।