गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुग्राम की घटना को मानवता के ऊपर कलंक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाली हरियाणा पुलिस को आड़े हाथों लिया है।

Gurugram News : गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुग्राम की घटना को मानवता के ऊपर कलंक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाली हरियाणा पुलिस को आड़े हाथों लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर मामले में हरियाणा पुलिस के मुखिया वहां के डीजीपी (DGP) को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया है।
25 मार्च को हाजिर होना पड़ेगा गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की सरकार तथा हरियाणा के DGP को नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों ना इस मामले की जांच CBI को सौंप दी जाए? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पूरे संवेदनहीन तरीके से संभालने के आरोपों पर नाराजगी जताई और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व जांच अधिकारी को 25 मार्च को सभी रिकॉर्ड के साथ पेश होने का आदेश दिया। साथ ही जिला जज को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से उनके व्यवहार पर जवाब मांगें।
पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है इस मामले ने
भारत की राजधानी से सटे हुए गुरूग्राम में रेप की एक घटना से पूरी मानवता शर्मसार हुई है। मात्र 3 साल की बच्ची के साथ रेप करने के इस घिनौने काण्ड से हर कोई हैरान तथा परेशान है। गुरूग्राम के नागरिकों का कहना है कि यह दर्दनाक घटना किसी मानव का नहीं बल्कि दावन का काम है। इस पूरे काण्ड को बेनकाब करने का पूरा श्रेय (क्रेडिट) सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट को जाता है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नमिशा गुप्ता एडवोकेट की पहल के कारण ही 3 साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले दावन सलाखों के पीछे हैं।
मानवता को कलंकित करने वाला काण्ड गुरुग्राम का है
पूरी मानवता को कलंकित करने वाला यह काण्ड हरियाणा की ओद्योगिक नगरी गुरूग्राम का है। शनिवार को गुरूग्राम की पुलिस ने गुरूगाम की एक पाश सोसायटी में तीन साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो घरेलू सहायिका और उनका एक दोस्त शामिल है। घटना चार फरवरी को सामने आई थी। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई दोनों घरेलू सहायिकाओं की पहचान एटा जिले के घमुरिया गांव की रहने वाली संगीता, नादिया जिले के बड़ा चांदघर गांव की रहने वाली पकीला के रूप में की गई। तीसरे आरोपित की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि बच्ची से पहचान कराए जाने के बाद उसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। तीसरा आरोपित भी नादिया जिले का रहने वाला है। फिलहाल, ये तीनों आरोपित घाटा गांव की झुग्गियों में रह रहे थे।
यह है गुरुग्राम रेप काण्ड का पूरा प्रकरण
आपको बता दें कि दोनों महिलाएं सोसायटी में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। चार फरवरी को सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सेक्टर 53 थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी सोसायटी में काम करने वाली दो महिलाओं के एक साथी ने उनकी तीन साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण किया। यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। मामला बाल कल्याण समिति के पास पहुंचा था। समिति ने परिवार और बच्ची की दो बार काउसिलिंग की थी, लेकिन बच्ची कोई भी जानकारी नहीं दे पाई थी। वहीं सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे से भी कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले थे। मामला संदिग्ध लगने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। या यूं कहें कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
नमिशा गुप्ता एडवोकेट की हो रही है खूब सराहना
तीन साल की बच्ची के साथ रेप का घिनौना पाप करने वाले रेपिस्ट पुलिस की सलाखों के पीछे हैं। इस मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बच्ची के परिजनों का कहना है कि इस घृणित अपराध में शामिल दानव सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट के कारण पकड़े गए हैं। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने इस मामले की गंभीरता को समझकर सीधे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अदालत तक पहुंचाया। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने ही इस गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी एडवोकेट को इस मामले में पैरवी के लिए तैनात किया था। गुरूग्राम से लेकर दिल्ली तक पूरे देश में नमिशा गुप्ता एडवोकेट के प्रयास की तारीफ हो रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि नमिशा गुप्ता एडवोकेट इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक नहीं ले जाती तो गुरूग्राम की पुलिस कभी भी इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाती। नागरिकों का कहना है कि नमिशा गुप्ता के प्रयासों की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। Gurugram News
Gurugram News : गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुग्राम की घटना को मानवता के ऊपर कलंक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाली हरियाणा पुलिस को आड़े हाथों लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर मामले में हरियाणा पुलिस के मुखिया वहां के डीजीपी (DGP) को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया है।
25 मार्च को हाजिर होना पड़ेगा गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की सरकार तथा हरियाणा के DGP को नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों ना इस मामले की जांच CBI को सौंप दी जाए? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पूरे संवेदनहीन तरीके से संभालने के आरोपों पर नाराजगी जताई और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व जांच अधिकारी को 25 मार्च को सभी रिकॉर्ड के साथ पेश होने का आदेश दिया। साथ ही जिला जज को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से उनके व्यवहार पर जवाब मांगें।
पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है इस मामले ने
भारत की राजधानी से सटे हुए गुरूग्राम में रेप की एक घटना से पूरी मानवता शर्मसार हुई है। मात्र 3 साल की बच्ची के साथ रेप करने के इस घिनौने काण्ड से हर कोई हैरान तथा परेशान है। गुरूग्राम के नागरिकों का कहना है कि यह दर्दनाक घटना किसी मानव का नहीं बल्कि दावन का काम है। इस पूरे काण्ड को बेनकाब करने का पूरा श्रेय (क्रेडिट) सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट को जाता है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नमिशा गुप्ता एडवोकेट की पहल के कारण ही 3 साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले दावन सलाखों के पीछे हैं।
मानवता को कलंकित करने वाला काण्ड गुरुग्राम का है
पूरी मानवता को कलंकित करने वाला यह काण्ड हरियाणा की ओद्योगिक नगरी गुरूग्राम का है। शनिवार को गुरूग्राम की पुलिस ने गुरूगाम की एक पाश सोसायटी में तीन साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो घरेलू सहायिका और उनका एक दोस्त शामिल है। घटना चार फरवरी को सामने आई थी। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई दोनों घरेलू सहायिकाओं की पहचान एटा जिले के घमुरिया गांव की रहने वाली संगीता, नादिया जिले के बड़ा चांदघर गांव की रहने वाली पकीला के रूप में की गई। तीसरे आरोपित की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि बच्ची से पहचान कराए जाने के बाद उसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। तीसरा आरोपित भी नादिया जिले का रहने वाला है। फिलहाल, ये तीनों आरोपित घाटा गांव की झुग्गियों में रह रहे थे।
यह है गुरुग्राम रेप काण्ड का पूरा प्रकरण
आपको बता दें कि दोनों महिलाएं सोसायटी में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। चार फरवरी को सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सेक्टर 53 थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी सोसायटी में काम करने वाली दो महिलाओं के एक साथी ने उनकी तीन साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण किया। यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। मामला बाल कल्याण समिति के पास पहुंचा था। समिति ने परिवार और बच्ची की दो बार काउसिलिंग की थी, लेकिन बच्ची कोई भी जानकारी नहीं दे पाई थी। वहीं सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे से भी कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले थे। मामला संदिग्ध लगने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। या यूं कहें कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
नमिशा गुप्ता एडवोकेट की हो रही है खूब सराहना
तीन साल की बच्ची के साथ रेप का घिनौना पाप करने वाले रेपिस्ट पुलिस की सलाखों के पीछे हैं। इस मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बच्ची के परिजनों का कहना है कि इस घृणित अपराध में शामिल दानव सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट के कारण पकड़े गए हैं। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने इस मामले की गंभीरता को समझकर सीधे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अदालत तक पहुंचाया। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने ही इस गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी एडवोकेट को इस मामले में पैरवी के लिए तैनात किया था। गुरूग्राम से लेकर दिल्ली तक पूरे देश में नमिशा गुप्ता एडवोकेट के प्रयास की तारीफ हो रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि नमिशा गुप्ता एडवोकेट इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक नहीं ले जाती तो गुरूग्राम की पुलिस कभी भी इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाती। नागरिकों का कहना है कि नमिशा गुप्ता के प्रयासों की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। Gurugram News












