
आश्रम के सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पूछताछ[/caption]
आश्रम में भक्त बनकर एलआईयू कर रही गोपनीय जांच
करौली सरकार आश्रम चर्चा में आने के बाद एलआईयू यानी लोकल इंटेलिजेंस यूनिट भी अपने स्तर से जांच कर रही हैं। एलआईयू के कई अफसर सिविल ड्रेस में भक्तों की तरह आश्रम पहुंचे। पूजा पाठ करने के साथ ही आसपास के गांव से बाबा की शोहरत के बारे में पता लगाया। एलआईयू से भी पुलिस कमिश्नर और शासन ने पूरे मामले को लेकर अपनी रिपोर्ट मांगी है।
बाबा ने परिवार को आश्रम से हटाया
एफआईआर दर्ज होने के बाद आश्रम में लगातार पुलिस और मीडियाकर्मी आ जा रहे हैं। बाबा और उनके सेवादारों के साथ ही परिवार में भी दहशत है। इसके चलते बुधवार शाम को बाबा ने अपने परिवार के सभी सदस्यों को आश्रम से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। गांव के लोगों ने बताया कि बाबा का परिवार वैसे तो आश्रम के अंदर से ही गाड़ी से बाहर निकलता था, लेकिन बुधवार रात को ऐसा मौका था जब बाबा के परिवार के सदस्य करीब आधा किमी. तक गांव में पैदल आए। आश्रम से काफी दूर आने के बाद अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हुए।
बाबा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य, दाखिल हो सकती है चार्जशीट
कानून के जानकारों के मुताबिक, बाबा संतोष सिंह के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। एफआईआर आईपीसी की धारा-323 (मारपीट करना), धारा-504 (जान से मारने की धमकी देना) और धारा-325 (अंगभंग करना) की धारा में दर्ज है। बाबा संतोष सिंह भदौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनका पुराना इतिहास भी खंगालना शुरू कर दिया है। बाबा ने खुद बताया है कि उनके खिलाफ एनएसए लगा था, हालांकि बाद में उसे हटा दिया गया। पुलिस यह पता कर रही है कि पिछली एफआईआर किस आधार पर दर्ज हुई थी, और उन्हें किस आधार पर खत्म किया गया था