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Kashmir News : कभी बर्फीली वादियों और सर्द हवाओं के लिए पहचाने जाने वाले कश्मीर में आज गर्मी ने इतिहास रच दिया है। 134 वर्षों में पहली बार घाटी इस कदर झुलसी है कि प्रशासन को 23 जून से 7 जुलाई तक सभी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। श्रीनगर का अधिकतम तापमान जहां 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया—जो अब तक की सबसे गर्म रात मानी जा रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस हीटवेव को ‘गंभीर मौसमी आपदा’ की श्रेणी में रखा है और अगले कुछ सप्ताहों तक राहत के आसार न के बराबर बताए हैं। तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री अधिक बना हुआ है। विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि का स्पष्ट संकेत है।
विशेषज्ञों और शोध संस्थानों ने इस अचानक बढ़ी गर्मी के पीछे मानवजनित बदलावों और पर्यावरणीय क्षरण को जिम्मेदार ठहराया है ।
कश्मीर विश्वविद्यालय के 2024 के अध्ययन के मुताबिक, 1980 से अब तक 1.5°C की क्षेत्रीय तापमान वृद्धि दर्ज की गई है।
श्रीनगर में अंधाधुंध शहरीकरण के कारण ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव बढ़ा, जिससे गर्मी की तीव्रता अधिक महसूस हो रही है।
हरित आवरण में 12% की गिरावट (2000–2025) के कारण प्राकृतिक ठंडक में भारी कमी आई है।
पीर पंजाल रेंज के वनों में 15% की कटौती से वायुमंडलीय नमी और तापमान नियंत्रण पर असर पड़ा।
बर्फ के आवरण में 18% की कमी ने घाटी को सूर्य की गर्मी के प्रति और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
मौसमीय असंतुलन के चलते इस वर्ष बारिश में 26% की गिरावट, और जून में तो 83% की कमी दर्ज की गई है। Kashmir News
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