बिहार के कटिहार में मंदिर के एक बुजुर्ग पुजारी की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने ऐसी कहानी आई, जिसने गांव के लोगों को भी हैरान कर दिया। आखिर एक बच्चे की मौत का इस हत्याकांड से क्या कनेक्शन था और पुलिस को जांच में कौन से अहम सुराग मिले?

National News : अंधविश्वास और बदले की भावना किस हद तक खतरनाक हो सकती है, इसका हैरान करने वाला मामला बिहार के कटिहार जिले से सामने आया है। यहां एक 70 वर्षीय मंदिर पुजारी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गांव के ही एक 65 वर्षीय व्यक्ति को शक था कि पुजारी ने तंत्र-मंत्र के जरिए उसके छह महीने के पोते की जान ली है। इसी शक में उसने अपने दो बेटों के साथ मिलकर पुजारी की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दोनों बेटों की तलाश जारी है।
यह मामला कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के खरसोता गांव का है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय हीरालाल मंडल गांव के पास स्थित मंदिर में पूजा-पाठ करते थे। वह नियमित रूप से भजन-कीर्तन भी करते थे। जानकारी के मुताबिक, 1 नवंबर की शाम हीरालाल मंडल मंदिर से निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन यानी 2 नवंबर को नरकटिया श्मशान घाट के पास एक पेड़ से उनका शव लटका हुआ मिला। शव मिलने की खबर से गांव में हड़कंप मच गया।
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे अंधविश्वास की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गांव के ही 65 वर्षीय अनंतलाल मंडल के छह महीने के पोते की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी को शक होने लगा कि पुजारी हीरालाल मंडल तंत्र-मंत्र करते हैं और उनके कारण ही उसके पोते की मौत हुई है। इसी संदेह और नाराजगी के चलते उसने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर पुजारी की हत्या की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि तीनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुजारी को मंदिर से श्मशान घाट की ओर ले जाकर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पेड़ से लटका दिया गया। वारदात के दौरान पुजारी की जीभ भी काट दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। फॉरेंसिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अनंतलाल मंडल को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से पुजारी की रुद्राक्ष की माला और उसके बेटे के घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दोनों बेटे रिंकू मंडल और शंभू मंडल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़े भ्रम पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक बच्चे की मौत के बाद बिना किसी प्रमाण के पुजारी को जिम्मेदार मान लेना और कथित तौर पर बदले की भावना में उनकी हत्या कर देना बेहद चिंताजनक है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
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