
Adani Group Controversy : लखनऊ/ नोएडा। ''हम सुल्तानी तब मानेंगे जब कुड़की करो अडानी की''। यह जुमला अचाकल सोशल मीडिया की सुर्खियां बन गया है। ट्विटर पर चंद मिनट में ही हजारों यूजर्स इसे देख, सुन व लाईक तथा रिट्वीट कर चुके हैं। यह जुमला शायरी का एक हिस्सा है। जाने-माने शायर व कवि उदय प्रताप सिंह (Kavi Uday Pratap Singh) ने एक छोटी सी वीडियो के जरिए एक शेर पढ़ा है, (आप भी देखिए वीडियो)
[video width="320" height="580" mp4="https://chetnamanch.com/wp-content/uploads/2023/02/EIdV9ccGjLq0VWE0.mp4"][/video]इस वीडियो में कविवर उदय प्रताप सिंह शेर पढ़ रहे हैं।
शेर यह है कि
'कुड़की' हुई हमेशा-हमेशा दीनू की, रमजानी की। हम तो सुलतानी तब मानेंगे जब 'कुड़की' करो अडानी की।।
देखते ही देखते इस शायरी ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। सभी सोशल प्लेटफार्म पर यूजर्स चटकारे ले लेकर इस शायरी को सुन रहे हैं तथा सुना रहे हैं। इस शायरी में कविवर उदय प्रताप सिंह वर्तमान व्यवस्थापिका पर जोरदार व्यंग कर रहे हैं। उनके इस शेर में प्रयुक्त किया गया 'कुड़की' शब्द हिंदी के कुर्की शब्द का प्रचलित नाम है। सब जानते हैं कि जब कोई व्यक्ति, उद्योगसमूह या कर्जदार सरकारी कर्ज नहीं चुका पाता है तो उसकी संपत्ति को सरकार कुर्क कर लेती है, यानी उस संपत्ति को नीलाम कर दिया जाता है।
इस शेर में कविवर उदय प्रताप सिंह सरकार को चर्चित उद्योगपति गौतम अडानी की संपत्ति को कुर्क करने की नसीहत देते हुए व्यंग्य बाण चला रहे हैं।
आपको बता दें कि कवि उदय प्रताप सिंह इस समय भारत के प्रसिद्ध कवि हैं। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद के गढ़िया छिनकोरा गांव में 1932 में जन्मे उदय प्रताप सिंह अब 91 वर्ष के हो चुके हैं। वे एक बार लोकसभा तथा दो बार राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। अपने मधुर व्यवहार के लिए प्रसिद्ध उदय प्रताप सिंह हिंदी के सर्वश्रेष्ठ कवि एवं उर्दू के अद्भुत शायर है। वह दुनियाभर के अनेक देशों के मंचों पर काव्य पाठ कर चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अध्यक्ष रहते हुए संस्थान का सफल संचालन करने का काम कर चुके हैं। उनकी कविता की पंक्तियां
ना तेरा है ना मेरा है यह हिन्दस्तान सब का है। नहीं समझी गई यह बात तो नुकसान सब का है।। खूब प्रसिद्धि बटोर चुकी है। इन पंक्तियों पर आधारित गीत पर मोबाइल फोन की कॉलर ट्यून भी प्रचलित है।