Kerala News: महोत्सव में केवल वेज फूड परोसे जाने पर बहस
Kerala News
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 12:30 AM
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RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 12:30 AM
Kerala News: तिरुनंवतपुरम। केरल में आयोजित कला महोत्सव की व्यंजन सूची में मांसाहारी भोजन को शामिल किया जाना चाहिए या नहीं, इसको लेकर बहस तेज हो गई है।
राज्य की "खान-पान राजधानी" कहे जाने वाले कोझिकोड़ में केरल स्कूल कला महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसके सिलसिले में सोशल मीडिया पर यह बहस देखने को मिल रही है।
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सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के इस कला महोत्सव के दौरान व्यंजन के मामले में "ब्राह्मण वर्चस्व" देखने को मिल रहा है क्योंकि खान-पान मामलों के विशेषज्ञ पी. मोहनन नंबूदिरी रसोई टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इस महोत्सव को स्कूल स्तर पर एशिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम कहा जाता है।
राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बहस पूरी तरह "गैर-जरूरी" है।
दशकों से, इस महोत्सव में भाग लेने वाले बच्चों, उनके शिक्षकों, माता-पिता और मीडिया कर्मियों को स्वादिष्ट शाकाहारी व्यंजन परोसे जाते रहे हैं। इस कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर बच्चे भाग लेते हैं।
कई अन्य वर्षों की तरह, मोहनन नंबूदिरी और उनकी टीम हर दिन उत्सव के भोजन मंडपों में हजारों लोगों को अपना बनाया हुआ भोजन परोस रही है।
कुछ ने यह आरोप भी लगाया कि कला उत्सव की रसोई में “ब्राह्मणवादी आधिपत्य” कायम है। उन्होंने मांग की कि इसे समाप्त किया जाना चाहिए और इसके मंडपों में सभी प्रकार के भोजन परोसे जाने चाहिए।
अपने कथित वामपंथी उदारवादी विचारों के लिए जाने जाने वाले एक फेसबुक यूजर ने आरोप लगाया कि महोत्सव में “केवल शाकाहारी” व्यंजनों का होना “शाकाहारी कट्टरवाद” का हिस्सा है और “जातीय विश्वास का प्रतिबिंब” है।
एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित ऐसे उत्सवों में मांसाहारी व्यंजन समेत सभी प्रकार के भोजन परोसे जाने चाहिए।
हालांकि, कई फेसबुक यूजर ने बहस को भोजन को धार्मिक रंग देने और समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास बताया और इसकी कड़ी आलोचना की।
आलोचनाओं और सोशल मीडिया पर हो रही बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए, मोहनन नंबूदिरी ने कहा कि शाकाहारी व्यंजन उनकी पसंद नहीं हैं, बल्कि वह सरकार के निर्देशानुसार काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, यह सरकार को तय करना है कि क्या मांसाहारी व्यंजनों को भी मेन्यू में शामिल किया जाना चाहिए या नहीं। मेरे पास एक अच्छी टीम है जो मांसाहारी व्यंजन तैयार करने में भी माहिर है। मैं बस उनके काम की समग्र निगरानी कर रहा हूं।
मंत्री शिवनकुट्टी ने हालांकि कहा कि इस बात पर राज्य सरकार का कोई अडियल रुख नहीं है कि महोत्सव में मांसाहारी व्यंजन नहीं परोसे जाने चाहिए।
लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में लोगों को परोसने के लिए बड़ी मात्रा में मांसाहारी व्यंजन तैयार करने में व्यावहारिक दिक्कतें हैं।
उन्होंने बच्चों को मांसाहारी भोजन परोसने के जोखिम की ओर भी इशारा किया और कहा कि यह सभी के लिए समान रूप से अच्छा नहीं हो सकता।
मंत्री ने कहा, मैं दरअसल उन्हें लज़ीज़ बिरयानी परोसना चाहता था। इस बार नहीं, लेकिन हम निश्चित रूप से अगले साल इसकी उम्मीद कर सकते हैं।