Khalistani Terrorist Hardeep Murder Case: वोटों के लालच में ट्रूडो ने बढ़ाया दोनों देशों के बीच विवाद, खालिस्तानी आतंकियों को खुश करने का प्रयास
Khalistani Terrorist Hardeep Murder Case
भारत
चेतना मंच
20 Sep 2023 07:50 PM
Khalistani Terrorist Hardeep Murder Case: इस साल जून महीने में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) के केस ने फिर तूल पकड़ लिया है। वोटों के लालच में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) गड़े मुर्दे उखेड़ रहे हैं। अपने खालिस्तानी आकाओं को खुश करने के लिए जस्टिन ट्रूडो खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह हत्याकांड (Khalistani Terrorist Hardeep Murder Case) को उठा रहे है।
खालिस्तानी आतंकियों को खुश करने की कवायद मात्र है ट्रूडो के कदम
वोटों की राजनीति के लिए भारतीय नेता बदनाम हैं, लेकिन कनाडियाई पीएम ने साबित कर दिया है कि वो भारतीय नेताओं से इस मामले में दो कदम आगे ही हैं, वो वोटों के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं। अपनी सत्ता बचाने के लिए वो दोनों देशों के बीच विवाद पैदा कर संबंध खराब कर रहे हैं।
उनके द्वारा उठाए कदम इसी बात का प्रमाण हैं। पहले उन्होंने संसद में भारत विरोधी बयान दिया, फिर भारतीय डिप्लोमेट को निष्कासित कर दिया। राजनीतिक स्वार्थ के लिए खलिस्तान समर्थकों को खुश करने के चक्कर में वो ये नहीं देख पा रहे कि सारे सिक्ख खलिस्तान समर्थक नहीं हैं।
Canada News : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत जैसे दुनिया के शक्तिशाली देश से रिश्ते बिगाड़ कर अपने देश का नुकसान कर रहे हैं। तत्कालिक लाभ के लिए वो भारत से संबंध खराब कर रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम उनके देश को भुगतने पड़ेंगे।
कौन था खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर?
हरदीप सिंह निज्जर एक खालिस्तानी आतंकी था, जो खलिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था। उसकी इसी साल 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वो कनाडा में रह कर भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त था। वो 1997 में गलत तरीके से रवि शर्मा के नाम से कनाडा पहुंचा था। Khalistani Terrorist Hardeep Murder Case
पकड़े जाने पर उसने भारत में उसके परिवार पर जुल्म ढाए जाने की झूठी कहानी गढ़कर राजनीतिक शरण लेने का प्रयास किया। उसने कनाडा की नागरिकता लेने के कई प्रयास किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। यहाँ तक कि उसने कनाडा की नागरिकता लेने के लिए कनाडा की एक महिला से झूठी शादी तक रचाई।
आखिर में उसने कोर्ट के सहारे कनाडा की नागरिकता हासिल कर ली। वो वहाँ से भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने लगा। वोटों के लालच में अपनी आँखों पर पट्टी बांध चुके कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ये जानते हुए भी कि वो भारत के हितों के खिलाफ काम कर रहा है, उसे खुली छूट दे रखी थी। अपने बुरे कामों का अंजाम उसे जान गँवाकर भुगतना पड़ा।
ग्रेटर नोएडा – नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।