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Khan Sir News: पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए विवाद ने पूरे बिहार में चर्चा पैदा कर दी। पोस्टर फाड़ने, पत्थरबाजी और सुरक्षा कर्मियों पर हमले के आरोपों के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ी तो कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर खान सर का नाम भी मामले से जुड़ गया।

Khan Sir Controversy: पटना की गलियों से निकलकर देशभर के छात्रों के दिलों तक पहुंचने वाले खान सर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। लाखों युवा खान सर को एक ऐसे शिक्षक के रूप में जानते हैं जो मुश्किल से मुश्किल विषय को भी आसान भाषा में समझा देते हैं। कम फीस, देसी अंदाज और छात्रों से सीधा जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है लेकिन जितनी तेजी से उनकी लोकप्रियता बढ़ी उतनी ही तेजी से उनके नाम के साथ विवाद भी जुड़ते गए। इन दिनों खान सर चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं। पटना में खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ा और इसमें उनका नाम भी सामने आया। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है लेकिन इस घटनाक्रम ने उनके पुराने विवादों को भी फिर से चर्चा में ला दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या है कि देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाने वाले खान सर बार-बार विवादों के केंद्र में आ जाते हैं?
पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए विवाद ने पूरे बिहार में चर्चा पैदा कर दी। पोस्टर फाड़ने, पत्थरबाजी और सुरक्षा कर्मियों पर हमले के आरोपों के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ी तो कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर खान सर का नाम भी मामले से जुड़ गया। हालांकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस का नया दौर शुरू कर दिया है। समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं जबकि आलोचक इसे गंभीर मामला मान रहे हैं।
खान सर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई थी जब उनके असली नाम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। लंबे समय तक लोग उन्हें केवल "खान सर" के नाम से जानते रहे। बाद में कई रिपोर्टों में उनका नाम फैसल खान बताया गया जिसके बाद उनकी पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पहचान को लेकर स्पष्टता नहीं रखी जबकि उनके समर्थकों का कहना था कि एक शिक्षक की पहचान उसके पढ़ाने के तरीके से होनी चाहिए न कि उसके नाम या धर्म से। यह विवाद कई दिनों तक सोशल मीडिया पर छाया रहा।
साल 2022 में रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा के परिणामों को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। बिहार में यह आंदोलन काफी बड़ा रूप ले चुका था। इसी दौरान पुलिस ने कुछ कोचिंग संचालकों और शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जिनमें खान सर का नाम भी शामिल था। पुलिस का आरोप था कि कुछ शिक्षक छात्रों को आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहे थे। हालांकि खान सर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वे केवल छात्रों की समस्याओं को सामने रख रहे थे। मामला काफी चर्चा में रहा लेकिन इससे उनकी लोकप्रियता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
दिसंबर 2022 में सोशल मीडिया पर खान सर का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में वह पढ़ाई के दौरान एक उदाहरण दे रहे थे जिसमें 'सुरेश' और 'अब्दुल' नामों का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताया और आरोप लगाया कि इससे एक समुदाय के प्रति गलत संदेश जा सकता है। दूसरी तरफ उनके समर्थकों का कहना था कि वीडियो का केवल छोटा हिस्सा वायरल किया गया और पूरे संदर्भ को नजरअंदाज कर दिया गया। कई दिनों तक यह मुद्दा टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।
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