किडनी में प्रोटीन और क्रिएटिनिन क्यों बढ़ते हैं? कब होता है खतरनाक और कैसे करें कंट्रोल
भारत
चेतना मंच
13 Sep 2025 03:56 PM
किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर कर शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालती है। लेकिन जब जांच में प्रोटीन और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है, तो यह किडनी पर अतिरिक्त दबाव और उसके कामकाज में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या किडनी फेलियर तक पहुंच सकती है। इसके प्राथमिक उपचार के रूप में प्रोटीन युक्त चीजों से परहेज करना होगा। KidneyProblems :
प्रोटीन और क्रिएटिनिन का संबंध
किडनी सामान्य स्थिति में शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन को बचाकर रखती है और बेकार पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है।
* जब प्रोटीन पेशाब में लीक होने लगता है, तो इसे प्रोटीन्यूरिया कहते हैं।
* वहीं क्रिएटिनिन एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो मांसपेशियों के काम करने से बनता है और सामान्य स्थिति में किडनी इसे बाहर निकाल देती है। लेकिन किडनी की फिल्टरिंग क्षमता कमजोर पड़ने पर खून में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने लगता है।
किडनी में प्रोटीन और क्रिएटिनिन क्यों बढ़ते हैं?
* क्रोनिक किडनी डिजीज
* ग्लोमेरूलोनेफ्राइटिस या नेफ्रोटिक सिंड्रोम
* डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।
* डिहाइड्रेशन शरीर में पानी की कमी होने पर क्रिएटिनिन अस्थायी रूप से बढ़ सकता है।
* डाइट और सप्लीमेंट्स अधिक प्रोटीन वाली डाइट, बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स, नॉन-वेज का अत्यधिक सेवन भी असर डाल सकता है।
* दवाइयों का साइड इफेक्ट कुछ एंटीबायोटिक्स और पेनकिलर्स किडनी पर दबाव डालते हैं।
कितना खतरनाक होता है?
शुरुआती स्टेज पर प्रोटीन और क्रिएटिनिन का बढ़ना चेतावनी का संकेत है। अगर यह लंबे समय तक अनियंत्रित रहा तो यह किडनी फेलियर या ट्रांसप्लांट तक की नौबत ला सकता है। अगर रिपोर्ट में प्रोटीन और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ आता है, तो यह किडनी हेल्थ का रेड अलर्ट है। समय रहते डॉक्टर से जांच कराना और लाइफस्टाइल में सुधार करना बेहद जरूरी है।
कैसे करें कंट्रोल?
* डाइट में बदलाव- नमक और तैलीय-भुनी चीजें कम करें।
* पानी का सेवन- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि किडनी बेहतर ढंग से फिल्टरिंग कर सके।
* प्रोटीन सप्लीमेंट- डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
* दवाइयां- किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की राय के बिना न करें।
* लाइफस्टाइल- ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
कौन-सी जांच करानी चाहिए?
* ब्लड टेस्ट- क्रिएटिनिन और यूरिया की जांच।
* यूरीन टेस्ट- प्रोटीन्यूरिया और माइक्रोएल्ब्यूमिन का पता लगाने के लिए।
* किडनी अल्ट्रासाउंड- संरचना और आकार की जानकारी के लिए।
* नेफ्रोलॉजिस्ट से सलाह- नियमित रूप से विशेषज्ञ की राय लें।