किश्तवाड़ में पाडर क्षेत्र में बादल फटने से 30 की मौत, 200 लापता, रेस्क्यू आपरेशन जारी
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:27 PM
जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के पाडर क्षेत्र में गुरुवार को भारी बारिश और बादल फटने की घटना में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दो सौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तुरंत शुरू कर दिया है। मौके पर पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू आपरेशन में तेजी पकड़ ली है। अधिकारियों का अनुमान है कि अभी भी मलबे और बहते पानी में फंसे लोग हो सकते हैं, इसलिए मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आईएमडी ने घोषणा की है कि अभी किश्तवाड़ में और बादल फट सकते हैं। Kishtwar Disaster :
घटना से स्थानीय लोगों में दहशत
पड़ोसी इलाकों और पहाड़ी गांवों में लगातार बारिश और नदियों में उफान के कारण हालात तनावपूर्ण हैं। पाडर क्षेत्र में अचानक आई इस घटना ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रशासन हर संभव मदद के लिए हरकत में है। उन्होंने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बचाव और राहत कार्यों का नेतृत्व संभाल लिया है।
अचानक बादल फटने से भारी जलस्राव हुआ
सूत्रों के अनुसार, यह हादसा मचैल माता यात्रा मार्ग पर हुआ। इस मार्ग पर कई श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर रहे थे। पाडर के चसोती इलाके में पार्किंग स्थल और लंगर स्थल पर अचानक बादल फटने से भारी जलस्राव हुआ, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग पानी में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर जाने वाले अंतिम मोटर-सक्षम गांव चसोती में भीषण जल प्रवाह ने कई लोगों की जान ले ली। इससे पहले चार दिन पहले भी पाडर में बादल फटा था, जिससे सजार इलाके के नाले में पानी का तेज बहाव आया था। चिनाब नदी का जल स्तर बढ़ गया था और प्रशासन ने अलर्ट जारी किया था। इस बार प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों से नदियों और जलधाराओं से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
राहत और बचाव प्रयास
* सेना और पुलिस की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
* स्थानीय प्रशासन ने आसपास के गांवों को खाली करने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
* चिकित्सा और आपातकालीन सुविधाएं प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं।
* अधिकारियों ने कहा कि सभी संसाधन बचाव अभियान में लगाए गए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।
केंद्रीय और राज्य सरकार के अधिकारी लगातार घटनास्थल से अपडेट ले रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी काम के प्रभावित इलाकों में न जाएं और अधिकारियों के निदेर्शों का पालन करें।