सही खाद का चुनाव और उसका सही उपयोग भारत की खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करता है। आज के समय में किसानों के बीच डीएपी, टीएसपी, एसएसपी और एनपीके जैसे उर्वरकों का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इन उर्वरकों की विशेषताएँ और उनकी जरूरतें जानना भी बेहद जरूरी है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी की सही जांच और उसकी जरूरत के अनुसार उर्वरक का चयन करने पर फसल की उत्पादकता में 15-20% तक की वृद्धि संभव है। सरकार ने भी ‘न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी’ (एनबीएस) योजना के माध्यम से इन उर्वरकों पर सब्सिडी लागू कर किसानों को सही विकल्प चुनने का प्रोत्साहन दिया है।
सरकार इन उर्वरकों पर सब्सिडी देती है और किसानों को मिट्टी की जांच कराकर अपनी फसल के अनुसार सही उर्वरक का चयन करने की सलाह दे रही है।
फसलों की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है कि किसान मिट्टी की जांच कराएं और उसकी जरूरत के अनुसार उर्वरक का इस्तेमाल करें। सही समय पर और उचित मात्रा में खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, फसल बेहतर होगी और आय में भी बढ़ोतरी होगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान अपने मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक का चयन करें, तो उनकी फसलें अधिक उत्पादक बनेंगी।