बालाजी टेलीफिल्म्स का डिजिटल सफर, ‘कटिंग’ का बड़ा कदम

बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत एक स्वतंत्र और आधुनिक डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। अपने टैगलाइन ‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ के साथ कटिंग दर्शकों को हर दिन कुछ नया और मज़ेदार देखने का अनुभव देता है।

Use of microgreens (1)
‘कटिंग’ पर हर दिन नई कहानियों का धमाका (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 03:25 PM
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बालाजी टेलीफिल्म्स ने आज अपने नए डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म ‘कटिंग (Kutingg)’ का ऑफ़िशियल लॉन्च किया। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर मोबाइल-फर्स्ट दर्शकों के लिए तैयार किया गया है, जहां हर दिन मिलेगा ताज़ा, दमदार और परिवार-फ्रेंडली मनोरंजन। लॉन्च इवेंट में बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CRO नितिन बर्मन, हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी और कटिंग के सभी ओरिजिनल शोज़ की स्टार कास्ट इकबाल खान, शरद मल्होत्रा, एबिगेल पांडे, शहज़ाद शेख, चाहत पांडे, ऐश्वर्या सखूजा सहित कई कलाकार मौजूद रहे।

हेड ऑफ कंटेंट ने प्लेटफॉर्म के विज़न का परिचय 

हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी ने प्लेटफॉर्म के विज़न का परिचय देते हुए कहा कि कटिंग का मकसद है सरल, दिलचस्प और परिवार के साथ देखा जा सकने वाला कंटेंट पेश करना। इसके अलावा प्लेटफॉर्म ने कई नए ओरिजिनल शोज़ की भी घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं: मुझे तू चाहिए, एसीपी विक्रांत, ज़ाफना हिल्स, घर तेरा मेरा साथ ही कई वर्टिकल और बिंज-वर्थी शोज़ जैसे मौक़ा, झूठे सवेरे सच्ची रातें, खामोश शिकारी, सीक्रेट पति एंड पॉवर गेम, प्यार एक धोखा, डेली फैमिली ड्रामा प्यारे की राहें और अन्य।

बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CEO & CFO संजय द्विवेदी ने बताया

बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CEO & CFO संजय द्विवेदी ने कहा कि कटिंग हमारे डिजिटल सफर में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य दर्शकों को जाना-पहचाना, आसान और लगातार उपलब्ध कंटेंट देना है। हम चाहते हैं कि कटिंग एक भरोसेमंद और परिवार के साथ देखे जाने योग्य एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन बने। ग्रुप CRO नितिन बर्मन ने बताया कि प्लेटफॉर्म की कंटेंट स्ट्रेटेजी शॉर्ट-बर्स्ट और रोज़ाना एंगेजमेंट पर आधारित है, जिससे दर्शकों और ब्रांड्स दोनों को सार्थक जुड़ाव का अवसर मिलता है।

‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ 

हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी ने कहा कि हमारा मकसद है रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से फिट होने वाली कहानियाँ पेश करना। हर शो को इस तरह चुना गया है कि दर्शकों को हर दिन लगातार मनोरंजन मिलता रहे।आज कटिंग, बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत एक स्वतंत्र और आधुनिक डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। अपने टैगलाइन ‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ के साथ कटिंग दर्शकों को हर दिन कुछ नया और मज़ेदार देखने का अनुभव देता है।

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गणतंत्र दिवस परेड 2026 में होने वाला है बड़ा कमाल

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत में बड़ा कमाल होने वाला है। भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अनेक मामलों में खास होने वाला है। हम आपको बता रहे हैं भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की प्रमुख विशेषताएं।

परेड में दिखेगी भारत की सैन्य ताकत
परेड में दिखेगी भारत की सैन्य ताकत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar21 Jan 2026 03:26 PM
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Republic Day Parade 2026 : भारत का गणतंत्र दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए बहुत बड़ा पर्व है। वर्ष 2026 में 26 जनवरी को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल शानदार परेड का आयोजन किया जाता है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत में बड़ा कमाल होने वाला है। भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अनेक मामलों में खास होने वाला है। हम आपको बता रहे हैं भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की प्रमुख विशेषताएं।

गणतंत्र दिवस 2026 पर खास होगा कर्तव्य पथ का नजारा

आपको बता दें कि भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल देखने को मिलेगी। भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित लॉन्ग रेज एंटी शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल पहली बार कर्तव्य पथ पर दुनिया के सामने अपनी धमक दिखाएगी। यह कारण समुद्र में तैनात दुश्मन के अपनी एयरोडायनामिक दक्षता के युद्धपोती को पलक झपकते ही. तबाह करने की क्षमता रखती है।ध्‍वनी की गति से पांच गुना वालों यह स्वदेशी मिसाइल 1,500 किलोमीटर दूर तक बार कर सकती है। साथ ही यह अलग अलग प्रकार के पेलोड ले जाने में भी सक्षम है। अपनी हाइपरसोनिक गति और बदलते उड़ान प्रोफाइल के कारण इस मिसाइल को राडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से रोक पाना बेहद कठिन है। इस तकनीक के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइपरसोनिक मारक क्षमता है।

ब्रह्मोस मिसाइल भी शामिल होगी गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में भारत की ब्रह्मोस मिसाइल भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर सटीक निशाना साधने वाली तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस भी आकर्षण का केंद्र होगी। इसके अलावा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक एयर डिफेस मिसाइलें आकाश और एमआर-सैम भी दिखाई देगी। यह दुश्मन के हवाई हमलों को रोकती हैं। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग और बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय भी कर्तव्य पथ पर भारत की स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। भैरव बटालियन के जवान करेंगे कदमताल इस बार परेड का खास आकर्षण भैरव बटालियन होगी। यह सैन्य टुकड़ियां वास्तविक युद्ध की तरह कदमताल कर वास्तविक युद्ध की व्यूह रचना पेश करेंगी। इसके जरिये यह दिखाया जाएगा कि युद्ध के मैदान में क्रमवार ढंग से कैसे आगे बढ़ा जाता है। Republic Day Parade 2026


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जाने माइक्रोग्रीन्स: स्वाद, स्वास्थ्य और व्यवसाय का नया विकल्प

माइक्रोग्रीन्स का उपयोग सलाद, सूप, सैंडविच, स्टिर-फ्राई और स्मूदी जैसी कई डिश में किया जाता है। रेस्तरां और स्वास्थ्य खाद्य स्टोर स्थानीय माइक्रोग्रीन्स उत्पादकों की ओर बढ़ते आकर्षण के साथ इस छोटे, स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर उत्पाद को अपने मेनू और स्टोर में शामिल कर रहे हैं।

Use of microgreens
माइक्रोग्रीन्स और आधुनिक कृषि (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 02:07 PM
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माइक्रोग्रीन्स, छोटे और पौष्टिक अंकुरित पौधे, अब पाक कला और स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। शुरुआत में केवल सजावट के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले ये पौधे अब व्यंजनों में स्वाद और पोषण बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोग्रीन्स में विटामिन ई, सी और के की मात्रा अधिक होती है, साथ ही बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड केमिस्ट्री के अनुसार, एक परिपक्व पौधे की तुलना में माइक्रोग्रीन्स में 40 गुना अधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

घरेलू खेती में आसान और लाभदायक

माइक्रोग्रीन्स उगाना पारंपरिक सब्जियों की तुलना में आसान है। इन्हें कटाई के लिए महज 6-7 दिन का समय लगता है और इसके लिए बड़े बगीचे की आवश्यकता नहीं होती। घर के अंदर वर्टिकल सेटअप में इनकी खेती करना भी संभव है, जिससे मौसम या प्राकृतिक प्रकोपों का असर नहीं पड़ता। ग्रो विशेषज्ञों का कहना है कि घर के अंदर माइक्रोग्रीन्स उगाना अधिक सुविधाजनक है, क्योंकि तापमान और रोशनी नियंत्रित रहती है। इसके लिए बुनियादी उपकरण जैसे ग्रो रैक, एलईडी लाइट्स और हार्वेस्ट टेबल ही काफी हैं। शुरुआती किसान 500 डॉलर से कम निवेश में इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।

लोकप्रिय बीज और कटाई

माइक्रोग्रीन्स के लिए मूली, मटर, सूरजमुखी, केल और ब्रोकली के बीज सबसे लोकप्रिय हैं। कटाई पौधे की लगभग 2-3 इंच ऊँचाई तक पहुँचने पर की जाती है। यह प्रक्रिया तेज़ है और एक सप्ताह में बिक्री योग्य उत्पाद तैयार हो जाता है।

स्वाद और उपयोग में बढ़ती लोकप्रियता

माइक्रोग्रीन्स का उपयोग सलाद, सूप, सैंडविच, स्टिर-फ्राई और स्मूदी जैसी कई डिश में किया जाता है। रेस्तरां और स्वास्थ्य खाद्य स्टोर स्थानीय माइक्रोग्रीन्स उत्पादकों की ओर बढ़ते आकर्षण के साथ इस छोटे, स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर उत्पाद को अपने मेनू और स्टोर में शामिल कर रहे हैं।

व्यवसायिक अवसर और लाभ

माइक्रोग्रीन्स उगाना केवल शौक नहीं बल्कि लाभदायक व्यवसाय भी बन गया है। घरेलू उत्पादकों के लिए यह एक कम समय और कम लागत वाला विकल्प है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1020 ट्रे के सेटअप से 20-40 डॉलर प्रति ट्रे कमाई संभव है, जबकि उत्पादन लागत केवल 3-5 डॉलर है। पोषक तत्वों, स्वाद और आसान खेती के कारण, माइक्रोग्रीन्स भविष्य में कृषि और घरेलू उद्यमिता में एक प्रमुख विकल्प बनते जा रहे हैं।


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