
Lakhimpur Kheri लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri) मामले में आरोपी और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को गुरुवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत तो मिल गई है, लेकिन जेल से उनकी रिहाई पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बताया जाता है कि हाईकोर्ट ने जो जमानत आदेश जारी किए हैं, उनमें दो धाराओं का जिक्र ही नहीं है, जिस कारण आशीष मिश्रा की जेल से रिहाई होने में थोड़ा समय लग सकता है।
आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी कांड की सुनवाई हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही है। बैंच ने मंगलवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आशीष मिश्रा के खिलाफ आरोप है कि 3 अक्टूबर को जब किसान तीन कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे तब उसने अपनी कार से किसानों को कुचल दिया था। आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के आशीष उर्फ मोनू और उसके समर्थकों ने किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं थी, जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। इसके बाद भड़की हिंसा में चार और लोग मारे गए थे।
गुरुवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी थी। बेंच की ओर से जारी जमानत आदेश में आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 326 और 427 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 34 और 30 का उल्लेख किया गया है, लेकिन धारा 302 और 120बी का उल्लेख नहीं है। धारा 302 हत्या और 120बी आपराधिक साजिश रचने से जुड़ी हुई है। चूंकि जमानत आदेश में 302 और 120बी का उल्लेख नहीं है, इसलिए आशीष मिश्रा को अभी जेल से बाहर आने में समय लग सकता है। जमानत आदेश में त्रुटिवश हत्या, आपराधिक साजिश की धाराएं नहीं है इसलिए आदेश में संशोधन की अर्जी दाखिल की गई है। सोमवार को इस अर्जी पर सुनवाई होगी। लिहाजा 14 फरवरी से पहले जेल से बाहर आशीष मिश्रा नहीं आ पाएगा।