Lakhimpur Khiri Case: आशीष मिश्रा को झटका, जमानत याचिका खारिज
भारत
RP Raghuvanshi
26 Jul 2022 08:15 PM
Lucknow: लखनऊ। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में जोर का झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आशीष मिश्रा को अभी जेल में ही रहना होगा। इससे पहले कुछ लोगों को मानना था कि कुछ शर्तों के साथ आशीष मिश्रा को जमानत मिल सकती हैं, लेकिन कोर्ट ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर 15 जुलाई को सुनवाई हुई थी। उस वक्त अदालत ने आशीष मिश्रा पर अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को आशीष मिश्रा की जमानत याचिका को कोर्ट ने रद्द कर दिया और दोबारा जेल भेज दिया है।
लखीमपुर खीरी हिंसा कांड में आशीष मिश्रा की जमानत पर सुनवाई न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने की। हाईकोर्ट की ओर से 10 फरवरी 2022 को आशीष मिश्रा को जमानत दे दी गई थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को पूरी तरह से खारिज कर आशीष मिश्रा को दोबारा जेल भेज दिया था। आशीष मिश्रा को लेकर कोर्ट में डेढ घंटे से ज्यादा सुनवाई चली थी। इस दौरान अभियुक्त पक्ष की ओर से कहा गया था कि अभियोजन कथानक के मुताबिक थार गाड़ी में आशीष मिश्रा मौजूद था और उसी ने ड्राइवर को भीड़ पर गाड़ी चढाने के लिए उकसाया। यह भी दलील दी गई कि घटनास्थल पर इतनी भीड़ थी, पुलिस के सायरन का शोर था और अभियोजन का कोई भी गवाह थार गाड़ी में मौजूद नहीं था। ऐसे में यह कैसे विश्वास किया जा सकता है कि अभियोजन के किसी गवाह ने अभियुक्त को अपने ड्राइवर को गाड़ी चढाने के लिए उकसाते हुए सुना हो।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को तीन कृषि कानूनों के विरोध के दौरान चार किसानों की एक कार से कुचलकर मौत हो गई थी। यह घटना लखीमपुर खीरी के तिकोनिया गांव के निकट हुई थी। आरोप है कि काफिले में शामिल कारों में से एक कार में आशीष मिश्रा बैठा था। इसके बाद हुई हिंसा में दो भाजपा कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हुई थी। एक पत्रकार भी इस हिंसा में मारा गया था। उस दिन किसान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। मौर्य अजय मिश्रा के पैतृक गांव बनबीरपुर जा रहे थे।