8 उन्नत किस्मों की खेती कर किसान खरीफ, रबी और गर्मी—तीनों मौसमों में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ कमा सकते हैं। सही किस्म का चयन टमाटर की खेती में सफलता की पहली सीढ़ी है।

टमाटर किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा स्रोत माना जाता है, क्योंकि इसकी मांग सालभर बनी रहती है। देशभर में करीब 1000 से अधिक किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा किस्में किसानों को अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी कमाई दिला सकती हैं। खरीफ मौसम की बुवाई शुरू होते ही किसान उपयुक्त किस्मों की तलाश में जुट जाते हैं।
यह संकर किस्म रोपाई के 75–90 दिन बाद फल देने लगती है। पछेता झुलसा और आँख सड़न जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहती है। इसका शेल्फ लाइफ लंबा और उत्पादन 400–500 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मिलता है।
प्रोसेसिंग के लिए बेहतरीन किस्म, जिसका उपयोग प्यूरी, पेस्ट, केचअप और सॉस में होता है। प्रति हेक्टेयर 750–800 क्विंटल तक उत्पादन देती है। फल का वजन 70–75 ग्राम होता है।
मध्यम आकार के चिकने और लाल फल वाली किस्म। मोटे छिलके के कारण लंबी दूरी तक परिवहन योग्य। डिब्बाबंदी के लिए उपयुक्त और 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार देती है। इसे बसंत, गर्मी और खरीफ में उगाया जा सकता है।
अर्ध-दृढ़ पौधे और गहरे हरे पत्ते। 65–70 ग्राम वजन वाले गोल और मोटे गूदे वाले फल। जीवाणु विल्ट प्रतिरोधी और 140 दिन में पकने वाली किस्म। एक एकड़ में 26 टन तक उत्पादन देती है।
उच्च उपज वाली एफ1 संकर किस्म, जो पत्ती मोड़क विषाणु, जीवाणु झुलसा व अगेती धब्बे रोगों के प्रति प्रतिरोधी है। 140 दिनों में तैयार और 75–80 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन। गहरे लाल, दृढ़ और 75–100 ग्राम वजन वाले फल।
हाइब्रिड किस्म, जिसमें पौधे अर्ध-निर्धारित प्रकृति के होते हैं। 90–100 ग्राम वजन वाले फल देती है। 140–150 दिनों में तैयार और 70–75 टन प्रति हेक्टेयर उपज। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत।
125 दिनों में तैयार होने वाली किस्म, जो अधिक बारिश वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। 65 ग्राम वजन वाले फल और लगभग 18 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। खरीफ सीजन के लिए सही विकल्प।
अर्ध-निश्चयी पौधे, चौड़ी पत्तियों के साथ। फल 60–65 दिन में तैयार और लंबी दूरी तक परिवहन योग्य। 80–100 ग्राम वजन वाले मजबूत व उच्च गुणवत्ता वाले फल। गर्मी में भी अच्छी उपज देती है और TYLCV के प्रति सहनशील।