Loksabha News : 'ओपीएस' जैसा 'पाप' करने से बचें राज्य सरकार : PM Modi
Loksabha News
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 04:02 AM
Loksabha News: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस व अन्य विपक्ष दलों के शासन वाले कुछ राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल किए जाने पर चिंता जताई और आर्थिक तंगहाली का सामना कर रहे पड़ोसी मुल्कों का हवाला देते हुए उन्हें गलत रास्ते पर चलने से आगाह किया।
Loksabha News
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे का उल्लेख किया और राज्यों से कहा कि वे ऐसा कोई ‘पाप’ ना करें, जो भावी पीढ़ी को उसके अधिकारों से वंचित कर दे।
उन्होंने कहा कि जिनको आर्थिक नीतियों की समझ नहीं है, सत्ता का खेल खेलना जिनके सार्वजनिक जीवन का काम है, उन्होंने अर्थ नीति को अनर्थ नीति में परिवर्तित कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने ऐसे राज्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने राज्यों को समझाएं कि वे गलत रास्ते पर ना चले जाएं। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ओपीएस का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोस के देशों का हाल देख रहे हैं। वहां पर क्या हाल हुआ है। अनाप-शनाप कर्ज लेकर किस प्रकार देशों को बर्बाद किया गया है। आज हमारे देश में तत्काल लाभ के लिए ऐसा किया जाएगा तो आने वाली पीढ़ियों को इसका नुकसान होगा। वे अपने को तो तबाह कर ही देंगे, देश को भी बर्बाद कर देंगे।
उन्होंने कहा कि दलों के बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन देश की आर्थिक सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई पाप मत कीजिए जो आपके बच्चों के अधिकारों को छीन ले। आज आप मौज कर लें और बच्चों के नसीब में बर्बादी छोड़कर चले जाएं...यह प्रवृत्ति बहुत चिंता का विषय है। देश की आर्थिक सेहत के लिए राज्यों को भी अनुशासन का रास्ता चुनना पड़ेगा। तभी जाकर राज्य भी इस विकास यात्रा का लाभ ले पाएंगे। उनके राज्य के नागरिकों का भला करने में हमें भी सुविधा हो जाएगी।
ज्ञात हो कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर दी गई है जबकि उसने हिमाचल प्रदेश में इसे लागू करने का वादा किया है। पंजाब और झारखंड में भी यह व्यवस्था बहाल है।
कुछ राज्यों द्वारा ओपीएस लागू किया जाना राज्यों और केंद्र के बीच राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है।
देशविदेश की खबरों से अपडेट रहने लिए चेतना मंच के साथ जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुकपर लाइक करें या ट्विटरपर फॉलो करें।