LPU में हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। 9 लोगों की गिरफ्तारी, करीब 20 लोगों के FIR में नाम सामने आने और CCTV व डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच ने मामले को नया मोड़ दिया है। आखिर LPU कैंपस में हिंसा कैसे भड़की और पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया?

National News : पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिनों हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने मामले में अब तक की जांच का ब्योरा दिया। पुलिस के मुताबिक हिंसा के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 7 LPU छात्र और 2 बाहरी लोग शामिल हैं। पुलिस ने जांच के दौरान करीब 20 लोगों को आरोपी के तौर पर चिन्हित कर नामजद किया है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग LPU छात्र की गिरफ्तारी भी हुई है। हिंसा के दौरान उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें वह विश्वविद्यालय परिसर में रखे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा था और पीछे आग की लपटें नजर आ रही थीं। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका या अपराध तय नहीं माना जा सकता और पुलिस जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। National News
पुलिस जांच के मुताबिक 26 सितंबर की शाम सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से फैला था। इसमें LPU के G3 हॉस्टल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म होने और प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का दावा किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध में उतर आए और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी के साथ पुलिस तथा मीडिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। NH-44 पर भी प्रदर्शनकारियों ने यातायात रोक दिया था। विश्वविद्यालय ने दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़े दावों को गलत और मनगढ़ंत बताया था। दूसरी ओर, पुलिस ने इस दावे की जांच के लिए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अलग FIR दर्ज की है और मामले की जांच SIT कर रही है। इसलिए इस पूरे प्रकरण में दुष्कर्म के दावे को फिलहाल सोशल मीडिया दावा ही माना जा रहा है। National News
पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद ली है। पुलिस के मुताबिक हिंसा के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 7 LPU छात्र और 2 बाहरी लोग शामिल हैं। इसी प्रक्रिया में करीब 20 लोगों की पहचान की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में LPU के छात्र और बाहरी व्यक्ति दोनों शामिल हैं। मामले में सोशल मीडिया से जुड़े कुछ नाम भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं। National News
DIG नवीन सिंगला ने कहा कि घटना के शुरुआती दौर में पुलिस की ओर से लाठीचार्ज नहीं किया गया था। उनके अनुसार पुलिस ने पहले छात्रों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में जब पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं तो पुलिस ने उपद्रवियों को पीछे हटाने के लिए कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार फगवाड़ा के अलावा जम्मू, मुंबई और हिमाचल प्रदेश तक जांच का दायरा पहुंचा है। अलग-अलग जगहों से आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी डिजिटल और CCTV साक्ष्यों के आधार पर जांची जा रही है। National News
LPU में हुए बवाल के दौरान दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर भी प्रदर्शन हुआ था। पुलिस वाहनों और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अलावा आगजनी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है। मामले में हिंसा, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा, संपत्ति को नुकसान और हाईवे अवरोध जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। हिंसा की जांच के लिए SIT गठित की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और रील्स को भी खंगाल रही है, ताकि घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका स्पष्ट की जा सके। जांच आगे बढ़ने के साथ गिरफ्तारियों और नामजद आरोपियों की संख्या में बदलाव संभव है। National News
मंडी से गिरफ्तार नाबालिग छात्र की तस्वीर हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। तस्वीर में वह LPU परिसर में रखे लड़ाकू विमान पर दिखाई दे रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। उसके खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। National News
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान में CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्य अहम भूमिका निभा रहे हैं। LPU परिसर में बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगे हैं और हिंसा से जुड़े वीडियो भी जांच टीम को उपलब्ध कराए गए हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। National News
पुलिस ने जांच के दौरान करीब 20 लोगों को आरोपी के रूप में नामजद किया है। इनमें छात्र और बाहरी लोग दोनों शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि नामजद किए गए सभी लोगों की भूमिका को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांचा जा रहा है और आगे की कार्रवाई उसी के अनुसार होगी। National News
हिंसा की वजह बने छात्रा से दुष्कर्म के सोशल मीडिया दावे की जांच अलग से SIT कर रही है। विश्वविद्यालय इस दावे को पहले ही गलत बता चुका है, जबकि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे की वास्तविकता क्या थी। National News
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