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वहीं वन विभाग की विभागाध्यक्ष ममता दुबे ने बताया कि हम इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर वाइल्ड एनिमल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत काम करेंगे। बता दें कि इससे पहले अमेठी के आरिफ की कहानी तो आपने पढ़ी होगी। वही आरिफ जिन्हें एक सारस घायल अवस्था में मिला था। उन्होंने उसका इलाज किया और सोचा कि ठीक होने के बाद वह उड़ जाएगा। लेकिन वह जंगली पक्षी उनके साथ रहने लगा। वह अपनी थाली में सारस को खाना खिलाते थे। गांव और प्रदेश में बात फैलने लगी। जल्द ही मीडिया में उनकी तस्वीरें आने लगीं और वन विभाग ने मुकदमा दर्ज करा दिया।