Lucknow News : तबादलों पर डिप्टी सीएम के सवाल के बाद सीएम ने बिठाई जांच
UP News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:18 AM
Lucknow: लखनऊ। यूपी में हेल्थ और पीडब्ल्यूडी विभाग में हुए ट्रांसफर पर स्वास्थ्य मंत्री के सवाल उठाने के बाद सीएम योगी ने जांच बिठा दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अगुवाई में तीन बड़े अफसरों का एक्सपर्ट पैनल बनाया है। इस पैनल से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। जांच पैनल में चीफ सेक्रेटरी के अलावा । एसीएस होम अवनीश अवस्थी और । एसीएस आबकारी संजय भुसरेड्डी को भी शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग में हुए ट्रांसफर पर खुद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सवाल उठाए थे। उन्होंने भी मामले में विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद से जवाब तलब किया था। वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद हैं। इस विभाग में भी ट्रांसफर को लेकर भी आपत्तियां आई थीं।
स्वास्थ्य विभाग में 30 जून को हुए तबादलों पर काफी आपत्तियां आईं थीं। डॉक्टरों ने आरोप लगाया था कि तबादला नीति को दरकिनार कर ट्रांसफर किए गए हैं। एक जिले में तैनात पति-पत्नी का ट्रांसफर अलग-अलग जिलों में कर दिया गया। इसके अलावा, रिटायरमेंट में कुछ ही महीने शेष रहने वाले डॉक्टरों का तबादला भी कहीं दूर कर दिया गया। दिव्यांग डॉक्टरों का भी ट्रांसफर घर से दूर कर दिया गया। पीएमएस एसोसिएशन ने भी तबादलों पर आपत्तियां जताते हुए संशोधन की मांग की थी।
स्वास्थ्य विभाग में एक जुलाई को जारी ट्रांसफर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गई थीं। इसमें प्रयागराज के एक मृतक चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र सिंह का भी नाम शामिल था। बाद में विभाग के आला अफसरों ने इसके लिए विभिन्न जिलों के चिकित्सा अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए नोटिस जारी किया था।
तबादलों में गलत सूचनाएं देने के आरोप में प्रदेशभर के 22 सीएमओ समेत 29 चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। इनमें अस्पतालों के निदेशक, सीएमएस और एमएस शामिल हैं। आरोप लगा था कि तबादलों के लिए आयुष और डेंटल के डॉक्टरों की जानकारी भेजी गई। हालांकि, ये पीएमएस संवर्ग में नहीं आते हैं। इस वजह से उनका भी ट्रांसफर हो गया। इसके अलावा, लेवल 2 और लेवल 3 के डॉक्टरों की गलत सूचना देने का भी इन पर आरोप लगा था। ट्रांसफर में 25 जिलों में नए सीएमओ तैनात हुए। इनमें से कई के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। कुछ पर आरोप साबित हो चुके हैं। कुछ ऐसे हैं, जो हार्ट पेशेंट है। कुछ ऐसे डॉक्टरों को सीएमएस बनाया गया है, जो शासनादेश के विपरीत है।