Lucknow News: अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ पहुंचें दिल्ली के सीएम, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ मांगेगे समर्थन
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भारत
चेतना मंच
07 Jun 2023 09:22 PM
Lucknow News: Uttar Pradesh News: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात करने के लिए लखनऊ पहुंचें। दोपहर करीब 3.30 बजे आम आदमी का प्रतिनिधिमंडल चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पहुंचा। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह, राज्यसभा सांसद संजय सिंह मौजूद रहें। हालांकि अखिलेश और केजरीवाल की इस मुलाकात को लोकसभा चुनाव 2024 से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। क्योंकि इससे पहले सपा अध्यक्ष भी इसके अलग- अलग राज्यों में जाकर भाजपा के खिलाफ विपक्ष को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
Lucknow News: मुलाकात को लोकसभा चुनाव 2024 से भी जोड़ कर देखा जा रहा
बता दें कि केंद्र सरकार के दिल्ली के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर अध्यादेश लाने के बाद से मुख्यमंत्री केजरीवाल विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं। इसके तहत वह कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान केजरीवाल केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगेंगे। साथ ही लोकसभा चुनाव, विपक्षी एकता सहित सियासी मुद्दों पर चर्चा भी करेंगे। हालांकि, केजरीवाल की अखिलेश से मुलाकात का मकसद केंद्र के अध्यादेश को कानून बनने से रोकना है। यह मकसद तभी पूरा हो सकता है, जब केजरीवाल को कांग्रेस का भी समर्थन मिले।
कांग्रेस के सपोर्ट बिना केंद्र के प्रस्ताव को राज्यसभा में रोकना मुश्किल है
Lucknow News: कांग्रेस के सपोर्ट बिना केंद्र के प्रस्ताव को राज्यसभा में रोकना मुश्किल है। कांग्रेस के अलावा उनको अन्य सभी विपक्षी दलों का साथ भी चाहिए होगा।राज्यसभा में अध्यादेश कानून आने और उस पर मतदान होने की स्थिति में 233 सांसद वोट करेंगे। यानी अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए 117 सांसदों का समर्थन होना किसी भी पक्ष के लिए जरूरी है। राज्यसभा में भाजपा के अकेले 92 सांसद हैं। साथ ही उसे अपने सहयोगी दलों के कुछ सांसदों का समर्थन भी हासिल है।
इसके बावजूद भाजपा को विपक्षी दलों के कुछ ही सांसदों को अपने खेमे में करने की जरूरत है। वहीं, AAP के राज्यसभा में 3 सांसद हैं। भाजपा के बाद राज्यसभा में सबसे ज्यादा 31 सांसद कांग्रेस के हैं। यानी कांग्रेस का समर्थन हासिल किए बगैर सीएम अरविंद केजरीवाल किसी हालात में केंद्र सरकार की सियासी मुहिम को विफल करने की स्थिति में नहीं होंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के राज्यसभा में आठ सांसद हैं। ऐसे में भले इस अध्यादेश में सपा अहम किरदार न निभा पाए, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी के लिहाज से प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में हैं।