Lumpy Virus : राजस्थान में लम्पी वायरस का कहर, अब तक हजारों गोवंश की मौत
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 07:54 AM
Abu Road : आबू रोड। देश के कई राज्यों में इन दिनों लम्पी वायरस का खौफ पसरा हुआ है। लेकिन, इसका सबसे अधिक प्रभाव राजस्थान में देखने को मिल रहा है। इस वायरस की चपेट में आकर अब तक राज्य में 50 हजार से भी अधिक गायों की मौत हो चुकी है। प्रशासन भी अपने स्तर से इस बीमारी से गोवंश को बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहा है, लेकिन गोशालाओं के संचालक अभी बेहद परेशान हैं। राज्य के सिरोही और ब्यावर स्थित कई गोशालाओं के संचालकों ने प्रशासन से बीमारी गोवंश के इलाज और शेष गोवंश को इस बीमारी से बचाने के लिए दवाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
राजस्थान के श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ नंदगांव गोशाला की ओर से भी प्रशासन को पत्र भेजकर गोवंश की लम्पी वायरस से सुरक्षा की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि नंदगांव गोशाला में मौजूदा समय में कुल 11,683 गोवंश का लालन पालन किया जा रहा है। इनमें 1819 गोवंश लम्पी रोग से पीड़ित हैं। गोशाला के संचालक ने गोवंश की बीमारी से रक्षा के लिए गोशाला में दवाओं के छिड़काव करने के साथ ही बीमार गायों के इलाज के लिए होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
श्री नमो नमः परिवार के महावीर जैन ने अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि श्री सुमति जीवरक्षा केंद्र नामक गोशाला में इस समय कुल 5965 गोवंश का लालन पालन किया जा रहा है। इनमें 85 गोवंश लम्पी रोग से पीड़ित हैं। उनके इलाज और शेष गोवंश को इस बीमारी से बचाने के लिए दवाओं के छिड़काव की मांग की है।
दूसरी ओर, सिरोही जिले के दांतराई स्थित श्री भाग्यवती जीवरक्षा केंद्र के प्रबंधक चेतन वी. राजपुरोहित ने गोवंश को लम्पी वायरस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। श्री राजपुरोहित ने कहा है कि उनकी गोशाला में इस समय 325 गोवंश हैं, जिनका लालन पालन किय जा रहा है। इनमें से 78 गोवंश लम्पी वायरस से पीड़ित हैं। उन्होंने बीमार गायों के इलाज और शेष गोवंश की वायरस से सुरक्षा के लिए दवाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
राजस्थान के ब्यावर के वंदे गो मातरम् चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित गोशाला और क्वारेंटाइन सेंटर में इस समय 400 से अधिक गायें लम्पी बीमारी से पीड़ित हैं। इसके अलावा ब्यावर शहर और इसके आसपास के इलाकों में 3000 से अधिक गायें कमजार और बीमार हैं। इनमें लम्पी बीमारी से प्रभावित गोवंश ही हालत बेहद नाजुक है। इन गायों के इलाज और सुरक्षा के लिए दवाएं उपलब्ध होने से इन्हें बड़ी राहत मिल सकती है। ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक रांकावत ने प्रशासन से इस ओर अतिशीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया है।