देसी गाड़ियों का विदेशों में जलवा : भारत ने बनाया आटो एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड
Made In India
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:31 AM
Made In India : भारतीय आटोमोबाइल इंडस्ट्री ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि "मेड इन इंडिया" सिर्फ एक टैग नहीं, बल्कि क्वालिटी, इनोवेशन और भरोसे का नाम है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में भारत ने कुल 53.63 लाख यूनिट्स का रिकॉर्डतोड़ वाहन निर्यात कर पूरी दुनिया में अपना परचम लहराया है। यानी साल दर साल 19% की दमदार ग्रोथ।
2023-24 बनाम 2024-25: एक नजर आंकड़ों पर
सेगमेंट 2023-24 निर्यात 2024-25 निर्यात वृद्धि (%)
यात्री वाहन 6,72,105 यूनिट 7,70,364 यूनिट - 15%
2-व्हीलर वाहन 34,58,416 यूनिट 41,98,403 यूनिट - 21%
यूटिलिटी वाहन 2,34,720 यूनिट 3,62,160 यूनिट - 54%
कमर्शियल वाहन 65,818 यूनिट 80,986 यूनिट - 23%
तिपहिया वाहन लगभग 3.0 लाख यूनिट 3.1 लाख यूनिट- 2%
ग्लोबल डिमांड की बड़ी वजहें
अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भारत की बाइक और स्कूटर की जबरदस्त मांग है। ग्लोबल मॉडल्स भारत में बनकर विदेशों में धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स की भी डिमांड खासकर साउथ अमेरिका और यूरोप में बढ़ती जा रही है। बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी जिससे भारत अब सिर्फ उभरते नहीं, विकसित देशों को भी एक्सपोर्ट कर रहा है।
मेड इन इंडिया गाड़ियाँ क्यों पसंद कर रहा है वर्ल्ड?
-कॉस्ट-एफेक्टिव : कम कीमत में बढ़िया फीचर्स
-क्वालिटी में सुधार : अब भारत की फैक्ट्रियाँ वर्ल्ड क्लास स्टैंडर्ड्स पर काम करती हैं
-फ्यूल एफिशिएंसी : बढ़िया माइलेज, खासकर 2-व्हीलर्स में
-डिजाइन और टेक्नोलॉजी : स्मार्ट, मॉडर्न और यूजर-फ्रेंडली व्हीकल्स।
सियाम अध्यक्ष का बयान पॉजिटिव मोमेंटम बरकरार
सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा के अनुसार, इस साल आॅटो एक्सपोर्ट में जो रिकवरी देखी गई है, वह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत मांग का परिणाम है। खासकर यात्री और दोपहिया वाहनों में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है।
भारत की गाड़ियाँ अब सिर्फ देसी सड़कों तक सीमित नहीं रहीं। अब ये दुनिया के हाईवे, रेगिस्तान, जंगल और पहाड़ों में भी दौड़ रही हैं और वो भी गर्व से मेड इन इंडिया का टैग लगाए हुए।