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Bhojshala News : मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने 15 मई को अपने फैसले में विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मां वाग्देवी का मंदिर करार दिया था।

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गंगा दशहरा के अवसर पर धार के भोजशाला मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "माननीय न्यायालय के फैसलेके बाद, मैं आज यहां दर्शन और पूजा के लिए आया हूं।"
सीएम यादव ने कहा, "धार को हमारे 'जल गंगा संरक्षण अभियान' और अन्य परियोजनाओं के तहत कई विकास पहलों का लाभ भी मिलेगा। हमें उम्मीद है कि धार को एक नए रूप में पहचान मिलेगी। हम पर्यटन को बढ़ावा देने, रोज़गार के अवसर पैदा करने और शैक्षणिक संस्थानों व अवसरों का विस्तार करने सहित कई विकास कार्य करेंगे।"
मुख्यमंत्री ने दावा कि पूरे देश में, मध्य प्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। गंगा दशमी के अवसर पर, जनभागीदारी के माध्यम से, पूरे राज्य के हर ज़िले में कार्य किया जा रहा है..."
भोजशाला में हुई महाआरती
इससे पहले पीटीआई-भाषा के मुताबिक 22 मई को सैकड़ों हिंदू श्रद्धालुओं ने भोजशाला में ‘महा आरती’ में भाग लिया, जबकि मुसलमानों ने इस फैसले के विरोध में काली पट्टी बांधकर अपने घरों में नमाज अदा की।
हाईकोर्ट ने भोजशाला को माना मंदिर
बता दें मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने 15 मई को अपने फैसले में विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मां वाग्देवी का मंदिर करार दिया था। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उस आदेश को निरस्त कर दिया था जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को वहां नमाज अदा करने की अनुमति थी।
इस फैसले से पहले हिंदू समुदाय को केवल मंगलवार को इस मध्यकालीन स्मारक में पूजा की अनुमति थी, जबकि मुस्लिम समुदाय लंबे समय से यहां शुक्रवार की नमाज अदा करता आ रहा था। दोनों समुदाय इस स्थल पर अपना अधिकार जताते रहे हैं।
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