Madhya Pradesh में बेरोजगारों का सैलाब, 15 पदों के लिए सड़कों पर उमड़ी भीड़
ग्वालियर कोर्ट में चपरासी पदो पर भर्ती के लिए लगा बेरोजगारों का मेला (PC- Hindustan Times)
भारत
सुप्रिया श्रीवास्तव
01 Dec 2025 02:54 PM
Madhya Pradesh- देश में बेरोजगारी का क्या आलम है, इस बात का अंदाजा मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की एक तस्वीर से लगाया जा सकता है। मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर (Gwalior) कोर्ट में चपरासी के विभिन्न पदों की 15 वैकेंसी निकाली गई थी, जिसके लिए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) और इसके पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से 11082 आवेदको ने हिस्सा लिया।
दसवीं पास योग्यता वाले पदों पर ग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों ने किया आवेदन -
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कोर्ट (Gwalior District court) में वॉचमैन (5 पद), माली (2 पद), ड्राइवर (5 पद), चपरासी (2 पद), और स्वीपर (1 पद) के पदों की 15 वैकेंसी जारी की गई थी। इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई थी। इन 15 पदों पर भर्ती के लिए बेरोजगारों का एक मेला सा लग गया। सिर्फ मध्य प्रदेश से ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से भी उम्मीदवार इन पदों पर भर्ती के लिए पहुंच गए। 15 पदों के लिए 11082 आवेदन किए गए जिसमें सिर्फ दसवीं पास ही नहीं बल्कि ग्रैजुएट तथा पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवारों ने भी हिस्सा लिया।
भर्ती के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ा जनसैलाब -
ग्वालियर कोर्ट (Gwalior District court) द्वारा जारी किए गए 15 पदों पर भर्ती के लिए कोर्ट परिसर के बाहर जनसैलाब एकत्रित हो गया। कोर्ट परिसर के साथ-साथ सड़कें और गलियां भी इंटरव्यू में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से भर गई। 2 दिन चली इंटरव्यू प्रक्रिया में 11 बोर्ड बनाए गए थे। चार लाइनों में खड़े उम्मीदवारों के लिए जगह कम पड़ रही थी। और सबसे बड़ी बात यह थी कि 10वीं पास योग्यता एवं 6500-12500 तक की सैलरी वाले इन पदो पर भर्ती के लिए लाइन में लगे कई उम्मीदवार ऐसे थे जिनके पास ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री थी। और इस छोटी सी नौकरी के लिए भी कई उम्मीदवारों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। यह तस्वीर बयां करती है कि देश में बेरोजगारी का बहुत बुरा हाल है।
कागजी तौर पर मध्यप्रदेश में सिर्फ 1.7 फीसदी है बेरोजगारी-
कागजों पर दर्ज आंकड़ों के आधार पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य में सिर्फ 1.7 फ़ीसदी बेरोजगारी है जो अन्य राज्यों के मुकाबले में बहुत कम है। परंतु एक अन्य आंकड़े के मुताबिक साल 2020-21 में राज्य में 95 लोगों ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी कर ली। इसके साथ ही रोजगार पंजीयन में बेरोजगारों की संख्या 32,57,136 दर्ज है, जो वाकई में एक बड़ा आंकड़ा है। इतने लोगों को नौकरी देने में सालों साल का समय लग जाएगा इसके साथ ही प्रतिवर्ष और भी अधिक लोग इस लिस्ट में शामिल होते जायेंगे। ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि सरकार इन आंकड़ों को कैसे कम कर पाएगी, और युवाओं को बेरोजगारी की समस्या से कैसे राहत मिल पाएगी?