
Mafia Khan Mubarak: लखनऊ। यूपी के टॉप टेन अपराधियों में शुमार एक और माफिया डॉन खान मुबारक (Khan Mubarak) का सलाखों के पीछे ही अंत हो गया। खान मुबारक हरदोई जेल में बंद था। सोमवार दोपहर को उसे डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिलटल ले जाया गया, उसकी हालत गंभीर थी। जहां इलाज के दौरान शाम 4 बजे खान मुबारक की मौत हो गई।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, खान मुबारक ग्राम हरसम्भार, थाना हंसवर, अम्बेडकर नगर का रहने वाला था। वह लगभग 40 से अधिक अपराधों में शामिल था। बीते 2 जून 2022 को उसे महाराजगंज जेल से हरदोई जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। बीते दो दिनों से डिहाइड्रेशन की वजह से जिला कारागार चिकित्साधिकारी द्वारा उसका इलाज किया जा रहा था। 13 जून को खान मुबारक को एमआरआई के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा जाना था। 12 जून को मेडिकल कालेज हरदोई और सीएमओ हरदोई की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने खान मुबारक का चेकअप किया था। इसी बीच अचानक स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल हरदोई भेजा गया। जहाँ इलाज के दौरान शाम 4 बजे खान मुबारक की मौत हो गई। खान मुबारक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
योगी सरकार पार्ट-1 के सत्ता में आने के बाद जुलाई 2017 में खान मुबारक को राजधानी के पीजीआई इलाके से मॉर्डन असलहों के साथ अरेस्ट किया गया था। माफिया खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन राजन गैंग का शॉर्प शूटर रहा है। उसके खिलाफ मर्डर, किडनैपिंग जैसे जघन्य अपराधों में मुकदमे दर्ज थे। 6 मार्च 2020 को उसे महाराजगंज जेल से हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। जानकारी के अनुसार, माफिया खान मुबारक के खिलाफ 40 से ज्यादा केस दर्ज थे।
माफिया खान मुबारक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। उसका बड़ा भाई जफर सुपारी छोटा राजन गैंग के लिए काम करता था। इलाहाबाद यूनवर्सिटी के स्टूडेंट रहते हुए उसने पहली बार क्राइम किया था और उसके बाद अपने भाई के पास मुंबई भाग गया। वहीं पहली बार उसकी भेंट छोटा राजन से हुई, जो उसके बड़े भाई ने ही कराई थी। फिर वह छोटा राजन का विश्वासपात्र बन गया और जरायम की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया।
खबरों के मुताबिक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए की पढ़ाई के दौरान ही खान मुबारक ने रनआउट देने पर अंपायर को गोली मारकर सनसनी फैला दी थी। बताया जाता है कि क्रिकेट मैच में शामिल खान मुबारक बैटिंग कर रहा था और रन आउट हो गया। गैंगस्टर खान की अपील पर अंपायर ने ध्यान नहीं दिया। इस पर माफिया खान मुबारक का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उसने अंपायर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इलाहाबाद में एक पोस्ट आफिस लूट और मामूली विवाद में अंबेडकर नगर में एक भट्ठा व्यवसायी व ट्रांसपोर्टर ऐनुद्दीन की हत्या कर दी थी।
खान मुबारक के साथ उसके भाई जफर सुपारी ने दिया। उसी ने खान मुबारक को पहली बार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से मिलवाया। छोटा राजन गैंग का हिस्सा बनने के बाद उसने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ गैंग खड़ा किया। उसके भाई जफर सुपारी ने सिर्फ 15 साल की उम्र में गांव के ही एक लड़के की हत्या कर दी थी।
16 अक्तूबर 2006 को मुंबई के काला घोड़ा क्षेत्र में दो कैदियों को पेशी के लिए लेकर जा रही पुलिस वैन अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया गया था। बदमाश आसानी से फरार हो गए। बाद में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दाऊद और छोटा राजन के बीच गैंगवार की वजह यह घटना बनी थी। शूटर इलाहाबाद के निकले। उस अपराध में खान मुबारक, जफर मुबारक और बच्चा पासी को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट किया था। Mafia Khan Mubarak