अब शंकराचार्य साध्वी हर्षा पर भड़के, बोले-चेहरे की सुंदरता धर्म नहीं
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 08:55 AM
Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के दौरान साध्वी द्वारा अपनी खूबसूरती का फायदा चर्चा में बने रहने के लिए करने पर अब शंकराचार्य नाराज हो गए हैं। प्रयागराज के महाकुंभ में चर्चा का विषय बनी मॉडल और एंकर हर्षा रिछारिया को लेकर अब एक नया विवाद शुरू हो गया है। इस नये विवाद पर सवाल उठाने वाले भी कोई साधारण आदमी नहीं, स्वयं शंकराचार्य ने सवाल उठाया है। ताजा विवाद यह है कि हर्षा को महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में शामिल कराने और महामंडलेश्वर के शाही रथ पर बिठाए जाने को लेकर हुआ है। यह बात ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बिल्कुल भी रास न आई। उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- महाकुंभ में इस तरह की परंपरा शुरू करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा यह विकृत मानसिकता का नतीजा है। महाकुंभ में चेहरे की सुंदरता नहीं बल्कि हृदय की सुंदरता देखा जाना चाहिए था।
शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं
उन्होंने कहा कि जो अभी यह नहीं तय कर पाया है कि सन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, उसे संत महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं है। श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में शाही रथ पर बैठाना पूरी तरह गलत है। न तो यह महाकुंभ की परंपरा है और ना ही ये धर्म सम्मत है। ऐसा करने से लोगों में धर्म के प्रति सम्मान घटता है और वे धर्म में भी मौज मस्ती की गुंजाइश देखने लगते हैं। वैसे भी सनातन धर्म में महाकुंभ का अपना एक अलग ही स्थान है, और इसे किसी को भी नष्ट करने का हक नहीं है।
भगवा वस्त्र सिर्फ सन्यासियों को ही पहनने की अनुमति
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि सनातन में महाकुंभ का क्या महत्व है और उन्होंने कहा कि सनातन के प्रति समर्पण होना जरूरी होता है। महाकुंभ में चेहरे की खूबसूरती नहीं, बल्कि मन की खूबसूरती देखी जानी चाहिए थी। जिस तरह पुलिस की वर्दी सिर्फ पुलिस में भर्ती लोगों को मिलती है, इस तरह भगवा वस्त्र सिर्फ सन्यासियों को ही पहनने की अनुमति होती है। जब आप अभी तक शादी करनी है या नहीं इसी में उलझे हैं तो सन्यास की दीक्षा कैसी। सन्यास की दीक्षा लेने के बाद ही व्यक्ति साध्वी या सन्यासी बन सकता है। खूबसूरती का प्रदर्शन करना कौन सी सन्यास की परंपरा है, यह कतई स्वीकार नहीं है।
सबसे खूबसूरत साध्वी के नाम से चर्चा में
हर्षा रिछारिया रातोंरात इसलिए फेमस नहीं हुईं कि वे एक साध्वी हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके वायरल होने और फॉलोअर्स बढ़ने का बड़ा कारण है उनकी खूबसूरती। हर्षा रिछारिया को महाकुंभ 2025 में आने वाली सबसे खूबसूरत साध्वी कहा जा रहा है। हर्षा रिछारिया निरंजनी अखाडे के महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज की शिष्या हैं और मूल रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली हैं। साध्वी होने के साथ ही हर्षा एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके वायरल वीडियो और तस्वीरों को देखकर उनके फैंस उन्हें महाकुंभ 2025 फेम का खिताब दे रहे हैं। Mahakumbh 2025
अचानक बढ़ गए इंस्टा पर फॉलोअर्स
साध्वी हर्षा का कहना है कि सोशल मीडिया पर 13 जनवरी को महाकुंभ में आने के पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 667 फॉलोअर्स थे, वहीं एक दिन में 14 जनवरी को उनके फॉलोअर्स की संख्या अचानक बढ़ गई और उनके फॉलोअर्स 1 मिलियन तक पहुंच गए। यानी एक दिन में हर्षा के 3 लाख 33 हजार फॉलोअर्स बढ़े हैं। वह पहले भी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रही हैं। लेकिन इस महाकुंभ में उनके खूबसूरती को लेकर इतना रायता फैला कि वे रातोंरात अपने फॉलोअर्स को बढ़ाने में कामयाब हो गर्इं। साध्वी हर्षा का कहना है कि वह एक एंकर रही हैं, शो हॉस्ट करती रही हैं। वे ट्रेवलिंग ब्लॉग बनाती थीं। दो साल पहले अपना ग्लैमरस लाइफ छोड़कर वह सुकून की तलाश में उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ा और उन्होंने साध्वी बनने का रास्ता चुना है। वे अपने इस नये रूप में काफी खुश और सुकून में हैं। Mahakumbh 2025