अमेरिका से भारत आकर बसी यह साध्वी, हर्षा रिछारिया को देती हैं मात
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:53 PM
Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 वर्षों बाद लगने वाले इस महाकुंभ में इन दिनों एक महिला साध्वी खूब सुर्खियां बटोर रही हैं, जिनका नाम है हर्षा रिछारिया। अभी तक हर्षा एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर रही हैं। मात्र 2 साल पहले ही हर्षा साध्वी बनी हैं। उनके गुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी जी महाराज हैं और वे निरंजनी अखाड़ा से जुड़ी हुई हैं। इस समय महाकुंभ मेले में सोशल मीडिया पर उनकी खूबसूरती की चर्चाएं आम हैं। लेकिन इसके अलावा एक और महिला साधु भी है जो खूबसूरती में हर्षा रिछारिया को कांटे की टक्कर देती हैं, इनका नाम है साध्वी भगवती सरस्वती। लॉस एंजिल्स की रहने वाली यह सन्यासिनी परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में रहती हैं। आजकल वो भी प्रयागराज के महाकुंभ में मौजूद हैं।
खूबसूरती के सवाल पर बोली साध्वी
खूबसूरती पर पूछे एक सवाल के जवाब में साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा, यह सिर्फ संगम में पवित्र डुबकी लगाने का अवसर नहीं है, यह लोगों के लिए उनकी भक्ति में आस्था की डुबकी लगाने का अवसर है। यह भारतीय संस्कृति की ताकत और महानता है, यह न तो कोई रॉक कॉन्सर्ट है और न ही कोई खेल आयोजन। यहां केवल भक्ति को ही बढ़ावा दिया जाना चाहिए और उसी की बात होनी चाहिए। साध्वी भगवती सरस्वती मूल रूप से लॉस एंजिल्स की रहने वाली हैं, वो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं। भारत की धर्म और संस्कृति से प्रभावित होकर वह पिछले 30 सालों से परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में रह रही हैं। इन दिनों वो भी प्रयागराज के महाकुंभ में पहुंची हैं। अपनी अपूर्व खूबसूरती के साथ यह साध्वी भक्ति में पूरी तरह से डूबी रहती है।
अमेरिका छोड़कर ऋषिकेश में साध्वी बन रह रही
साध्वी भगवती सरस्वती ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में फ्रैंक और सुजेन गारफील्ड के यहां जन्म लिया था। साध्वी भगवती सरस्वती साल 1996 में भारत घूमने के इरादे से आई थी, लेकिन भारतीय शाकाहार और दर्शन से इतना प्रभावित हुईं कि महज 30 साल की उम्र में ही अपने घर-परिवार को छोड़कर संन्यास ग्रहण कर लिया। ऋषिकेश में गंगा किनारे मौजूद परमार्थ निकेतन आश्रम को अपना घर बना लिया। भगवती सरस्वती के पास मनोविज्ञान में पीएचडी की डिग्री है। वह डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं और इस समय ऋषिकेश में रहकर ही महिला सशक्तिकरण पर काम कर रही हैं। वो भारतीय दर्शन से बहुत प्रभावित हैं और महिला सशक्तिकरण पर काम कर रही हैं। Mahakumbh 2025
भारत एक अलग ही देश
साध्वी भगवती सरस्वती ने बताया कि वो तो भारत घूमने अमेरिका से पहली बार आई थी। यहां मैंने देखा कि अमेरिका और भारत के लोगों की मानसिकता में बड़ा अंतर है। मैंने देखा कि अमेरिका में कम्प्लेंस ज्यादा हैं, वहां हर कोई सिर्फ शिकायत ही करता है, चाहे पैसों का मामला हो या हेल्थ का। दूसरी ओर भारत में एक अलग बात है, यहां लोग परमात्मा की कृपा पर भरोसा करते हैं। शिकायती जीवन से दूर हैं। शाकाहार यहां की सबसे खास बात है। यहां का धर्म और दर्शन तो इतना लाजवाब है कि मैं आई तो घूमने थी लेकिन इससे प्रभावित होकर मैं सन्यास लेकर यहीं की होकर रह गई। Mahakumbh 2025