ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

इस विशेष प्रदेश की सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पति तथा पत्नी को नगद ईनाम देने के साथ ही चुनाव के समय टिकट देने में भी प्राथमिकता देगी। इस घोषणा से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को बड़ा लाभ होने वाला है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 05:34 PM
bookmark

Andhra Pradesh population policy : ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत के एक विशेष प्रदेश की सरकार ने ज्याद बच्चे पैदा करने पर ईनाम देने की घोषणा की है। इस विशेष प्रदेश की सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पति तथा पत्नी को नगद ईनाम देने के साथ ही चुनाव के समय टिकट देने में भी प्राथमिकता देगी। इस घोषणा से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को बड़ा लाभ होने वाला है।

आंध्र प्रदेश की सरकार देगी तीसरे बच्चे पर ईनाम

आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश की सरकार ने ‘हम दो-हमारे दो’ वाली कहावत को अलविदा बोल दिया है। आंध्र प्रदेश की सरकार ने तीसरा बच्चा पैदा करने पर 25 हजार रूपए का नगद ईनाम देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं सरकार ने यह भी घोषणा की है कि तीन तथा तीन से ज्याद बच्चे पैदा करने वालों को स्थानीय चुनाव के टिकट देने में प्राथमिकता दी जाएगी। यह घोषणा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने पत्रकारों के सामने की है। 

ज्यादा बच्चे पैदा करने पर ईनाम की घोषणा का कारण?

आंध्र प्रदेश की सरकार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने पर ईनाम की घोषणा क्यों की है? इस बात को पूरी तरह से समझने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू के बयान को समझना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने अपने प्रदेश की घटती हुई प्रजनन दर पर गहरी चिंता जाहिर की है। यह चिंता जताते हुए श्री नायडू ने बताया कि उन्होंने प्रदेश की विधानसभा में जनसंख्या प्रबंधन नीति का नया प्रस्ताव पेश किया है। श्री नायडू ने विधानसभा में कहा कि जनसंख्या प्रबंधन नीति का उद्देश्य गिरती हुई प्रजनन दर (TFR) को सुधारना है जो जो 1993 में 3.0 थी और अब घटकर 1.5 रह गई है। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि ये गिरावट आर्थिक विकास के लिए खतरा है, क्योंकि युवा कार्यबल की संख्या कम हो रही है और राज्य को जापान, दक्षिण कोरिया-इटली जैसी उम्रदराज आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने सदन में बताया कि 2023 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर साल केवल 6.70 लाख जन्म दर्ज किए जा रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो 2047 तक बुजुर्गों का अनुपात 23 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा जो कि आर्थिक विकास के लिए खतरा है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को 15 प्रतिशत तक ले जाने के लिए महिला कार्यबल की भागीदारी को 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 59 प्रतिशत करना अनिवार्य है। सरकार अब जनसंख्या वृद्धि को एक बोझ के बजाय वरदान के रूप में देख रही है'।

5 चरणों वाला लाइफ साइकिल सिस्टम शुरू करेगी आंध्र प्रदेश सरकार

प्रस्तावित नीति के तहत सरकार मातृत्व, शक्ति, नैपुण्यम, क्षेम और संजीवनी जैसे पांच चरणों वाला लाइफ साइकिल सिस्टम शुरू करेगी। महिलाओं की सहायता के लिए 'मातृत्व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जाएंगे, जहां आईवीएफ (IVF) सेवाएं उपलब्ध होंगी। सरकार सिजेरियन ऑपरेशन को हतोत्साहित करेगी। हर 50 बच्चों के लिए चाइल्ड केयर सेंटर और पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। विशाखापत्तनम में 172 करोड़ रुपये की लागत से कामकाजी महिलाओं के लिए एक विशाल हॉस्टल भी तैयार किया जाएगा। जनसंख्या को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 'पोषण-शिक्षा-सुरक्षा' पैकेज के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देगी। इसके अलावा, तीसरे बच्चे को पांच साल तक हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे और 18 साल की उम्र तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि माता को 12 महीने का और पिता को 2 महीने का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। हर चौथे शनिवार को 'जनसंख्या देखभाल' पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। Andhra Pradesh population policy

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

भारत में एक बार फिर दिखाई देगा चन्द्र ग्रहण, देख सकेंगे ब्लड मून

स बार पडऩे वाले चन्द्र ग्रहण के समय आप लाल चाँद यानी कि ब्लड मून (Blood Moon) भी देख सकते हैं। चन्द्र ग्रहण के अवसर पर ब्लड मून (Blood Moon) देखना किसी रोमांचकारी दृश्य को देखने से कम नहीं होता है। चन्द्र ग्रहण के दिन ब्लड मून (Blood Moon) देखने वाले इसके दृश्य को आजीवन याद रखते हैं।

ब्लड मून
ब्लड मून
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 05:14 PM
bookmark

Chandra Grahan 2026 : तीन मार्च (3 March) को भारत में चन्द्र ग्रहण था। बहुत सारे लोग चन्द्र ग्रहण का अद्भुत नजारा देखने से वंचित रह गए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है भारत में जल्दी ही एक बार फिर चन्द्र ग्रहण नजर आएगा। इस बार पडऩे वाले चन्द्र ग्रहण के समय आप लाल चाँद यानी कि ब्लड मून (Blood Moon) भी देख सकते हैं। चन्द्र ग्रहण के अवसर पर ब्लड मून (Blood Moon) देखना किसी रोमांचकारी दृश्य को देखने से कम नहीं होता है। चन्द्र ग्रहण के दिन ब्लड मून (Blood Moon) देखने वाले इसके दृश्य को आजीवन याद रखते हैं।

अगस्त में होगा दूसरा तथा साल 2026 का अंतिम चन्द्र ग्रहण

आपको बता दें कि वर्ष-2026 का दूसरा चन्द्र ग्रहण अगस्त 2026 के महीने में होगा। अगस्त में होने वाला चन्द्र ग्रहण वर्ष-2026 का दूसरा तथा इस वर्ष का अंतिम चन्द्र ग्रहण होगा। विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त 2026 में पडऩे वाला चन्द्र ग्रहण 27 तथा 28 अगस्त की रात में पड़ेगा। अगस्त में पडऩे वाला चन्द्र ग्रहण आंशिक चन्द्र ग्रहण होगा,  किन्तु इस अवसर पर ब्लड मून देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड मून वह स्थिति होती है जब चन्द्र ग्रहण के कारण चाँद का एक भाग गर्म तांबे.... की तरह सुर्ख लाल रंग का नजर आता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) चंद्रमा के लगभग 93 प्रतिशत हिस्से को ढंक लेगी। जब पृथ्वी की परछाई चांद पर पड़ती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर मुड़ जाती हैं, जिससे चांद पूरी तरह काला होने की बजाय गहरा लाल दिखाई देने लगता है।

पौने 6 घंटे तक रहेगा चन्द्र ग्रहण

अगस्त 2026 में  27 तथा 28 अगस्त की रात को पड़ने वाला चन्द्र ग्रहण पूरे पौने 6 घंटे का होगा। इस चन्द्र ग्रहण को पूरा होने में लगभग 5 घंटे 39 मिनट का समय लगेगा. 28 अगस्त को भारतीय समयानुसार (IST) दोपहर के वक्त शुरू होगा, लेकिन इसकी वैश्विक शुरुआत 01:23 UTC से होगी। यानी भारतीय के लिए यह समय 28 अगस्त की सुबह करीब 6:53 बजे शुरू होगा। ग्रहण का सबसे शानदार नजारा 04:41 UTC पर दिखेगा. चूँकि भारत में यह समय सुबह 06:53 से दोपहर 12:32 के बीच का है, इसलिए भारत में उस समय सूरज चमक रहा होगा और दिन का उजाला होगा। यही वजह है कि खगोलीय रूप से भारत में यह ग्रहण खुली आंखों से दृश्यमान (Visible) नहीं होगा। इसकी समाप्ति 07:02 UTC पर होगी। Chandra Grahan 2026




संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

राजस्थान के लाल ने कर दिया कमाल, UPSC में गाड़ा झंडा

राजस्थान के इस बेटे की पूरे देश में खूब सराहना हो रही है। लोग बोल रहे हैं कि राजस्थान के लाल ने बड़ा कमाल कर दिया है। भारत में लाड़ले बेटे को लाल कहकर संबोधित किया जाता है।

UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री
UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 04:28 PM
bookmark

UPSC Result 2025 final result : राजस्थान प्रदेश के बेटे अनुज अग्निहोत्री ने बड़ा कमाल कर दिया है। मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने संघ लोक सेवा आयोग UPSC की वर्ष-2025 की परीक्षा में पूरे देश को टॉप किया है। राजस्थान के इस बेटे की पूरे देश में खूब सराहना हो रही है। लोग बोल रहे हैं कि राजस्थान के लाल ने बड़ा कमाल कर दिया है। भारत में लाड़ले बेटे को लाल कहकर संबोधित किया जाता है।

भारत की सबसे कठिन परीक्षा में गाड़ दिया झंडा

राजस्थान प्रदेश के रहने वाले डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री ने UPSC की परीक्षा-2025 में टॉप किया है। UPSC की परीक्षा के द्वारा ही भारत में IAS तथा IPS अधिकारी बनते हैं। UPSC की परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित तथा सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। UPSC की परीक्षा देने के लिए हर साल लाखों की संख्या में युवक तथा युवतियों आवेदन करते हैं। इन लाखों आवेदकों में से मात्र कुछ सैकड़ा अभ्यार्थी ही सफल हो पाते हैं। UPSC की परीक्षा में तीन चरण होते हैं। UPSC की परीक्षा के प्रथम चरण में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) होती है। UPSC में Prelims में पास होने वाले अभ्यार्थी मुख्य परीक्षा यानि Mains में बैठते हैं। Mains में पास होने वाले अभ्यार्थियों का इंटरव्यू लिया जाता है। इंटरव्यू में पास होने वाले अभ्यार्थी ही IAS, IPS तथा IFS अधिकारी बनते हैं। भारत की सबसे कठोर परीक्षा UPSC में टॉप करके डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री सबका लाड़ला बेटा बन गया है।

कौन है डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री?

आपको बता दें कि डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के रहने वाले हैं। वें राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में स्थित रावतभाटा शहर के रहने वाले हैं। डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने ही शहर से पूरी की और इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़े। अनुज की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गई है, क्योंकि उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करने के बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी और उसमें सर्वोच्च स्थान हासिल किया। अनुज अग्निहोत्री की स्कूली शिक्षा राजस्थान के रावतभाटा में ही पूरी हुई। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे अनुज ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने जोधपुर स्थित AIIMS जोधपुर से MBBS की डिग्री हासिल की। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर UPSC CSE 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ली।डाक्टर बनकर नहीं हुए संतुष्ट इसलिए दी UPSC की परीक्षा

अनुज अग्निहोत्री MBBS करके डॉक्टर तो जरूर बन गए किन्तु वें डॉक्टर बनकर संतुष्ट नहीं हुए। डॉक्टर बनने के बाद अनुज अग्निहोत्री ने प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के व्यापक स्तर पर काम करने का लक्ष्य तय किया। उनका मानना था कि सिविल सेवा के माध्यम से वे समाज में बड़े स्तर पर बदलाव ला सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी की और अपने पहले ही प्रयासों में शानदार सफलता हासिल करते हुए UPSC की परीक्षा में 2025 में ऑल इंडिया रैंक—3 हासिल कर ली। UPSC Result 2025 final result




संबंधित खबरें