महावीर जयंती 2025:भगवान महावीर के विचार आज भी क्यों हैं प्रासंगिक
भारत
RP Raghuvanshi
10 Apr 2025 01:47 PM
नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2025 – आज देशभर में महावीर जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। यह दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म की याद में मनाया जाता है। उनका जीवन और उनके बताए गए विचार आज के समय में भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।
भगवान महावीर का जीवन और सोच
भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले बिहार के कुंडलपुर में हुआ था। उन्होंने राजपाठ छोड़कर सच्चाई और आत्मज्ञान की राह अपनाई। 12 साल की कठोर साधना के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने लोगों को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य की शिक्षा दी।
आज के समय में क्यों जरूरी हैं ये विचार?
अहिंसा – आज जब दुनिया में हिंसा और युद्ध की घटनाएँ बढ़ रही हैं, भगवान महावीर की अहिंसा की सीख हमें शांति का रास्ता दिखाती है।
सत्य – सोशल मीडिया और खबरों के दौर में जहाँ फेक न्यूज़ फैलती है, वहां सत्य की अहमियत और बढ़ जाती है।
अपरिग्रह – जरूरत से ज्यादा चीजें जमा करने की आदत को रोकने की बात वे हजारों साल पहले ही कर चुके थे। आज के पर्यावरण संकट में यह विचार बहुत जरूरी है।
सयंम और आत्मनियंत्रण – मानसिक शांति और आत्मविकास के लिए ये मूल मंत्र आज भी काम करते हैं।
समारोहों की झलक
देशभर के जैन मंदिरों में आज विशेष पूजा, प्रभात फेरी, और भजन संध्या जैसे आयोजन हुए। कई जगहों पर भगवान महावीर की झांकियाँ निकाली गईं और उनके उपदेशों पर आधारित भाषण दिए गए।
डिजिटल युग में भी इस पर्व को युवाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है। सोशल मीडिया पर #MahavirJayanti ट्रेंड कर रहा है और कई यूट्यूब चैनलों पर भगवान महावीर से जुड़ी कहानियाँ प्रसारित की जा रही हैं।
भगवान महावीर के विचार केवल धर्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर इंसान के जीवन को बेहतर बनाने का रास्ता दिखाते हैं। उनके सिद्धांत आज भी हमें शांति, सच्चाई, और सरल जीवन की ओर ले जाते हैं।
इस महावीर जयंती पर आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाएँ और एक बेहतर समाज की ओर बढ़ें।
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