'सेवा तीर्थ ' के पहले दिन प्रधानमंत्री के बड़े फैसले, PM राहत स्कीम को मंजूरी

नई कार्यस्थली से पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार अहम फाइलों पर हस्ताक्षर कर सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत भी दे दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए इन शुरुआती फैसलों के केंद्र में किसान, महिलाएं, युवा और कमजोर वर्ग शामिल रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 04:32 PM
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PM Modi : देश की सत्ता के नए पावर सेंटर बने सेवा तीर्थ की आज शुरुआत हुई है। नए पावर सेंटर बने सेवा तीर्थ की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई। प्रधानमंत्री द्वारा आज देश की सत्ता के नए पावर सेंटर सेवा तीर्थ से कामकाज की औपचारिक शुरुआत भी की गई। नई कार्यस्थली से पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार अहम फाइलों पर हस्ताक्षर कर सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत भी दे दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए इन शुरुआती फैसलों के केंद्र में किसान, महिलाएं, युवा और कमजोर वर्ग शामिल रहे। प्रधानमंत्री द्वारा जिन फाइलों को आगे बढ़ाया गया, उनमें PM RAHAT स्कीम, लखपति दीदी लक्ष्य का विस्तार, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का आकार बढ़ाना और Startup India Fund of Funds 2.0 जैसी योजनाएं शामिल हैं।

1) PM RAHAT स्कीम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM RAHAT स्कीम को मंजूरी देकर सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए एक बड़ा सुरक्षा-कवच तैयार किया है। इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, ताकि आपात स्थिति में इलाज पैसे या प्रक्रिया की देरी की भेंट न चढ़े।

2) लखपति दीदी मिशन का नया लक्ष्य

सरकार ने लखपति दीदी मिशन में बड़ा मुकाम हासिल करते हुए 3 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर आय की श्रेणी तक पहुंचाने का लक्ष्य मूल मार्च 2027 की समयसीमा से एक साल से भी पहले पूरा कर लिया है। इसी उपलब्धि को नई रफ्तार देते हुए प्रधानमंत्री ने अब लक्ष्य को दोगुना कर मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का नया संकल्प तय कर दिया है।

3) किसानों के लिए बड़ा कदम

कृषि क्षेत्र को खेत से बाजार तक मजबूत करने के इरादे से प्रधानमंत्री ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का दायरा बड़ा कर दिया है। फंड की राशि को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी गई है, ताकि स्टोरेज, कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग, पैकिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं में तेजी से निवेश हो सके।

4) Startup India FoF 2.0:

भारत के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को अगला बूस्ट देने के लिए प्रधानमंत्री ने Startup India Fund of Funds 2.0 को मंजूरी दी है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस तय किया गया है। फोकस खासतौर पर डीप-टेक, शुरुआती चरण के आइडिया, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। PM Modi

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वसई-विरार में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसक झड़प 30 पर मुकदमा दर्ज

वसई-विरार नगर निगम (VVMC) को पिछले काफी समय से सरकारी जमीन पर अवैध चॉल और दुकानों के निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में कड़े रुख अपनाए जाने के बाद, निगम आयुक्त ने शहर के विभिन्न वार्डों में अवैध ढांचों को गिराने का आदेश दिया था।

Vasai-Virar city
वसई-विरार में अतिक्रमण हटाने का विरोध (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Feb 2026 03:47 PM
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Vasai-Virar News : महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार शहर में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान गुरुवार को हालात हिंसक हो गए। अवैध निर्माण ढहाने पहुंची निगम टीम पर स्थानीय लोगों और भू-माफियाओं के समर्थकों ने हमला बोल दिया। आरोप है कि भीड़ ने जेसीबी मशीनों को रोका, पथराव किया और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर चला अभियान

जानकारी के मुताबिक, वसई-विरार नगर निगम (VVMC) को पिछले काफी समय से सरकारी जमीन पर अवैध चॉल और दुकानों के निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में कड़े रुख अपनाए जाने के बाद, निगम आयुक्त ने शहर के विभिन्न वार्डों में अवैध ढांचों को गिराने का आदेश दिया था। इसी क्रम में गुरुवार को भारी सुरक्षा बल के साथ निगम की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची।

भीड़ बनी हमलावर, हमले में कई कर्मचारी घायल

जैसे ही निगम टीम ने अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की, तो वहां इकट्ठा हुई भारी भीड़ ने उनका रास्ता रोक लिया। शुरुआत में प्रशासन ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन विवाद तेजी से बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने मशीनों के आगे मानव श्रृंखला बनाई और अचानक से उग्र होकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और सुरक्षा गार्डों पर शारीरिक हमला भी किया, जिसमें कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

पुलिस ने दर्ज की FIR, छापेमारी जारी

घटना के बाद पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और लोक सेवकों पर हमला करने के गंभीर आरोपों में करीब 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वसई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने कानून अपने हाथ में ले लिया था। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।

प्रशासन का रुख सख्त, कहा- मनोबल नहीं टूटेगा

इस घटना के बाद भी प्रशासन ने अपना रुख सख्त बनाए रखा है। निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में भू-माफियाओं ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कर रखे हैं, जिससे नालियों की सफाई और सड़कों के चौड़ीकरण जैसे विकास कार्यों में बाधा आ रही है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि ऐसे हमलों से प्रशासन का मनोबल नहीं टूटेगा और आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेजी से चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन इमारतों को नोटिस जारी हो चुका है, उन्हें हर हाल में ढहाया जाएगा। Vasai-Virar News

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भारत में 124 साल पुरानी ट्रेन, सिग्नल नहीं, हाथ के इशारे पर चलने वाली अनोखी ट्रेन

अंग्रेजों के समय साल 1902 में शुरू हुई थी। यानी यह ट्रेन करीब 124 साल से ज्यादा समय से इस इलाके की सेवा में है। इतने लंबे समय में रेलवे ने कई बदलाव देखे हैं, लेकिन इस छोटी लाइन की पहचान आज भी वैसी ही बनी हुई है।

Unique trains in India
बुंदेलखंड की गलियों तक पहुंचाती है यह ट्रेन (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Feb 2026 01:14 PM
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Trains in India during the British rule : भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल सेवा है, जहां हर दिन हजारों ट्रेनें सिग्नल के हिसाब से अपना सफर तय करती हैं। हरा सिग्नल मिलने पर ट्रेन चल पड़ती है और लाल सिग्नल पर रुक जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसी भी ट्रेन है, जो लाल-हरे सिग्नल के बंधन से मुक्त है? उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में दौड़ती यह ट्रेन न तो किसी बड़े शहर का हिस्सा है और न ही हाईस्पीड, फिर भी अपनी अनोखी पहचान के कारण यह रेलवे के इतिहास में एक अलग अध्याय लिखती है।

हाथ के इशारे पर रुकती है ट्रेन

जालौन जिले के एट जंक्शन से कोंच के बीच चलने वाली यह ट्रेन अपनी खास पहचान के लिए जानी जाती है। इसे रोकने के लिए यात्रियों को किसी स्टेशन या सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ता। अगर कोई व्यक्ति ट्रैक के पास या प्लेटफॉर्म पर खड़ा होकर हाथ का इशारा करता है, तो ट्रेन उसे लेने के लिए रुक जाती है। यह लचीलापन इस ट्रेन को अन्य ट्रेनों से अलग बनाता है। स्थानीय लोग इसे प्यार से 'अड्डा' कहकर बुलाते हैं।

124 साल से ज्यादा पुराना है इतिहास

यह सेवा अंग्रेजों के समय साल 1902 में शुरू हुई थी। यानी यह ट्रेन करीब 124 साल से ज्यादा समय से इस इलाके की सेवा में है। इतने लंबे समय में रेलवे ने कई बदलाव देखे हैं, लेकिन इस छोटी लाइन की पहचान आज भी वैसी ही बनी हुई है।

किसानों और छात्रों की जीवनरेखा

महज तीन डिब्बों वाली इस ट्रेन की औसत रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह 13 किलोमीटर का सफर करीब 40 मिनट में पूरा करती है। बुंदेलखंड जैसे इलाके में, जहां गांव दूर-दूर बसे हैं, यह ट्रेन रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। यहां के किसान अपनी उपज लेकर बाजार इसी ट्रेन से पहुंचते हैं, तो वहीं छोटे व्यापारी और विद्यार्थी भी इसी पर निर्भर रहते हैं। यह ट्रेन सिर्फ एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की जीवनरेखा के रूप में अपनी सेवा निभा रही है। Trains in India during the British rule

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