सरकार का फरमान : अब लेना होगा पीएनजी कनेक्शन, 3 महीने में बंद होगी गैस सप्लाई

देश में रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया वितरण आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।

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रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 05:05 PM
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LPG Supply : देश में रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया वितरण आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।

क्या है सरकार का नया नियम?

सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे लेना अनिवार्य होगा

यदि कोई उपभोक्ता मना करता है, तो सूचना मिलने के 3 महीने बाद उसकी एलपीजी सप्लाई बंद कर दी जाएगी। यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू किया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष की वजह से वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम कर ईंधन विविधीकरण (फ्यूल डायवर्सीफिकेशन) को बढ़ावा देना चाहती है।

हाउसिंग सोसाइटी के लिए सख्त नियम 

अब कोई भी सोसाइटी गैस पाइपलाइन बिछाने से मना नहीं कर सकती। 3 कार्य दिवस में अनुमति देना अनिवार्य होगा, 48 घंटे में अंतिम कनेक्शन देना होगा तथा मना करने पर पूरे कॉम्प्लेक्स की एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है। मंजूरी मिलने के बाद 4 महीने में पाइपलाइन का काम शुरू करना होगा। देरी होने पर जुर्माना या लाइसेंस में कार्रवाई हो सकती है। निगरानी की जिम्मेदारी पीएनजीआरबी को दी गई है।

किन लोगों को मिलेगी छूट?

अगर किसी घर में तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है। गैस कंपनी एनओसी जारी करेगी। ऐसे उपभोक्ताओं की एलपीजी सप्लाई जारी रहेगी। इससे यह फायदा होगा कि सिलेंडर बुकिंग की झंझट खत्म, लगातार गैस सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

क्या होगा इस फैसले का असर?

सरकार का मानना है कि इस फैसले से शहरों में एलपीजी की खपत कम होगी। दूरदराज इलाकों में गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार का यह कदम केवल नियम नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच एक रणनीतिक फैसला है। आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में पीएनजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा और एलपीजी धीरे-धीरे सीमित होती जाएगी।


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सावधान : बारिश होने वाली है, जल्दी जान लीजिए मौसम की अपडेट

देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ घंटों और दिनों में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

बारिश का अलर्ट
बारिश का अलर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Mar 2026 04:54 PM
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Weather Update : देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ घंटों और दिनों में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाएं लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र के ऊपर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। इसके कारण उत्तर भारत में बादल छाने लगे हैं और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई है। आने वाले 24 से 48 घंटों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें प्रमुख रूप से

  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान के कुछ हिस्से

शामिल हैं। कई इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।

उत्तर प्रदेश में मौसम का बदलेगा मिजाज

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

किसानों के लिए अहम चेतावनी

मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में गेहूं और सरसों की कटाई का समय चल रहा है, वहां अचानक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसानों को फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

तापमान में आएगा उतार-चढ़ाव

बारिश और बादलों की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि

  • घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।
  • तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
  • वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और अपडेट पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। Weather Update

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मासूम के साथ रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिया बड़ा फैसला

हरियाणा के गुरुग्राम में एक मासूम बच्ची के साथ हुए रेप के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में अब Supreme Court of India ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए Haryana Police की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Mar 2026 03:16 PM
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Gurugram News : हरियाणा के गुरुग्राम में एक मासूम बच्ची के साथ हुए रेप के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में अब Supreme Court of India ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए Haryana Police की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि बच्ची के साथ हुए अपराध के मामले में पुलिस की कार्रवाई बेहद संवेदनहीन और लापरवाही भरी रही है, जो “सेकेंडरी विक्टिमाइजेशन” यानी पीड़ित को दोबारा पीड़ा देने जैसी स्थिति पैदा करती है।

पुलिस की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) के तहत लगाए गए गंभीर आरोपों को बाद में कम कर दिया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि इस तरह के मामलों में पुलिस का यह रवैया बेहद चिंताजनक है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब किसी मासूम के साथ इतना गंभीर अपराध हुआ हो, तो पुलिस को अत्यंत संवेदनशीलता और सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन यहां उल्टा आरोपों को कमजोर कर दिया गया, जो न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

SIT गठित करने के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का मानना है कि निष्पक्ष और गहन जांच के लिए यह कदम जरूरी है। SIT इस पूरे मामले की जांच करेगी और यह भी देखेगी कि पुलिस की ओर से कहीं कोई लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती तो नहीं हुई।

“यह पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला मामला”

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी झकझोर देती है। एक मासूम बच्ची के साथ हुई इस क्रूरता को अदालत ने “पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला” बताया।

CBI जांच की मांग भी उठी

इस मामले में पीड़ित पक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने जांच को Central Bureau of Investigation को सौंपने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।

देशभर में आक्रोश

इस घटना के सामने आने के बाद देशभर में लोगों में गहरा आक्रोश है। सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों तक सभी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर सजा ही भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोक सकती है।

आगे क्या होगा

अब SIT की जांच रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी और पुलिस की भूमिका कितनी सही या गलत रही। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में जल्द और निष्पक्ष न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। Gurugram News

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