सरकार का फरमान : अब लेना होगा पीएनजी कनेक्शन, 3 महीने में बंद होगी गैस सप्लाई
देश में रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया वितरण आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।

LPG Supply : देश में रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया वितरण आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।
क्या है सरकार का नया नियम?
सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे लेना अनिवार्य होगा
यदि कोई उपभोक्ता मना करता है, तो सूचना मिलने के 3 महीने बाद उसकी एलपीजी सप्लाई बंद कर दी जाएगी। यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष की वजह से वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम कर ईंधन विविधीकरण (फ्यूल डायवर्सीफिकेशन) को बढ़ावा देना चाहती है।
हाउसिंग सोसाइटी के लिए सख्त नियम
अब कोई भी सोसाइटी गैस पाइपलाइन बिछाने से मना नहीं कर सकती। 3 कार्य दिवस में अनुमति देना अनिवार्य होगा, 48 घंटे में अंतिम कनेक्शन देना होगा तथा मना करने पर पूरे कॉम्प्लेक्स की एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है। मंजूरी मिलने के बाद 4 महीने में पाइपलाइन का काम शुरू करना होगा। देरी होने पर जुर्माना या लाइसेंस में कार्रवाई हो सकती है। निगरानी की जिम्मेदारी पीएनजीआरबी को दी गई है।
किन लोगों को मिलेगी छूट?
अगर किसी घर में तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है। गैस कंपनी एनओसी जारी करेगी। ऐसे उपभोक्ताओं की एलपीजी सप्लाई जारी रहेगी। इससे यह फायदा होगा कि सिलेंडर बुकिंग की झंझट खत्म, लगातार गैस सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
क्या होगा इस फैसले का असर?
सरकार का मानना है कि इस फैसले से शहरों में एलपीजी की खपत कम होगी। दूरदराज इलाकों में गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार का यह कदम केवल नियम नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच एक रणनीतिक फैसला है। आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में पीएनजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा और एलपीजी धीरे-धीरे सीमित होती जाएगी।
LPG Supply : देश में रसोई गैस को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया वितरण आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।
क्या है सरकार का नया नियम?
सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे लेना अनिवार्य होगा
यदि कोई उपभोक्ता मना करता है, तो सूचना मिलने के 3 महीने बाद उसकी एलपीजी सप्लाई बंद कर दी जाएगी। यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष की वजह से वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम कर ईंधन विविधीकरण (फ्यूल डायवर्सीफिकेशन) को बढ़ावा देना चाहती है।
हाउसिंग सोसाइटी के लिए सख्त नियम
अब कोई भी सोसाइटी गैस पाइपलाइन बिछाने से मना नहीं कर सकती। 3 कार्य दिवस में अनुमति देना अनिवार्य होगा, 48 घंटे में अंतिम कनेक्शन देना होगा तथा मना करने पर पूरे कॉम्प्लेक्स की एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है। मंजूरी मिलने के बाद 4 महीने में पाइपलाइन का काम शुरू करना होगा। देरी होने पर जुर्माना या लाइसेंस में कार्रवाई हो सकती है। निगरानी की जिम्मेदारी पीएनजीआरबी को दी गई है।
किन लोगों को मिलेगी छूट?
अगर किसी घर में तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है। गैस कंपनी एनओसी जारी करेगी। ऐसे उपभोक्ताओं की एलपीजी सप्लाई जारी रहेगी। इससे यह फायदा होगा कि सिलेंडर बुकिंग की झंझट खत्म, लगातार गैस सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
क्या होगा इस फैसले का असर?
सरकार का मानना है कि इस फैसले से शहरों में एलपीजी की खपत कम होगी। दूरदराज इलाकों में गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार का यह कदम केवल नियम नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच एक रणनीतिक फैसला है। आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में पीएनजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा और एलपीजी धीरे-धीरे सीमित होती जाएगी।












