अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों दर्शकों का दिल जीतने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं।

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case : अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों दर्शकों का दिल जीतने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए तीन महीने की सजा के आदेश को कायम रखा है। अदालत ने यह भी माना कि अभिनेता ने पहले दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया और भुगतान को लेकर लगातार टालमटोल की।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव और अन्य आरोपियों की ओर से दायर 21 याचिकाओं को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने निचली अदालत और सत्र अदालत के फैसलों में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए सजा को बरकरार रखा। अदालत ने अभिनेता को सात चेक बाउंस मामलों में तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेगी। साथ ही प्रत्येक मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक का जुमार्ना भी लगाया गया, हालांकि पहले जमा की गई राशि का समायोजन करने का निर्देश भी दिया गया।
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इस मामले में राजपाल यादव की पत्नी राधा राजपाल यादव भी आरोपी हैं। अदालत ने उन्हें भी राहत देने से इनकार करते हुए जुर्माना भरने का आदेश दिया। वहीं, अभिनेता की ओर से प्रोबेशन पर रिहाई की मांग भी स्वीकार नहीं की गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि कानून किसी अभिनेता की इच्छा के अनुसार बदली जाने वाली पटकथा नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि राजपाल यादव ने कई बार अदालत को दिए गए अपने वादों का पालन नहीं किया। न्यायालय ने उनके कथित बयान कि वह कई बार जेल चले जाएंगे लेकिन भुगतान नहीं करेंगे को भी गंभीरता से लिया।
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यह विवाद वर्ष 2010 में अभिनेता की फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा है। समय पर भुगतान नहीं होने और चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। ब्याज और अन्य देनदारियों के साथ यह राशि बढ़ते-बढ़ते लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद शिकायतकर्ता कंपनी ने अभिनेता के खिलाफ कई चेक बाउंस मामले दर्ज कराए। यह पहली बार नहीं है जब इस वित्तीय विवाद में राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा हो। इससे पहले भी कर्ज नहीं चुकाने के मामले में उन्हें जेल की सजा मिल चुकी है। वर्ष 2026 में अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। बाद में उन्हें अंतरिम राहत मिली, लेकिन मूल मामला अदालत में जारी रहा।
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तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव ने सार्वजनिक रूप से अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि उनके पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उस समय अभिनेता सोनू सूद उनके समर्थन में सामने आए थे और उन्हें काम देने की बात कही थी। सोनू सूद ने इसे मदद नहीं बल्कि एक पेशेवर सहयोग बताया था, ताकि राजपाल यादव सम्मान के साथ अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकें। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजपाल यादव के पास अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प है। यदि उन्हें वहां से राहत नहीं मिलती, तो उन्हें अदालत के आदेश के अनुसार सजा का पालन करना होगा। फिलहाल यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और बॉलीवुड के चर्चित कानूनी मामलों में शामिल हो गया है।
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