Maneka gandhi Accuses iskcon: फिर विवादों में घिरा इस्कॉन,गौशाला की गायों को कसाइयों को बेचने का आरोप
Maneka gandhi Accuses iskcon
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:39 AM
Maneka gandhi Accuses iskcon : देश दुनिया में कृष्ण भक्ति और गीता के प्रचार प्रसार के लिए जाना जाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर संगठन कहा जाने वाला इस्कॉन इस वक्त सुर्खियों में बना हुआ है। इसकी वजह बनी है भाजपा सांसद और पशुओं के अधिकार के लिए लड़ने वाली महिला नेत्री मेनका गांधी का एक बयान। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि इस्कॉन अपनी गौशाला की गायों को कसाइयों को बेचता है। उन्होंने इस संगठन को देश का सबसे बड़ा धोखेबाज संगठन बताया है। हालांकि इस्कॉन ने उनके आरोपों को निराधार और झूठा करार दिया है।Maneka gandhi Accuses iskcon
सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री का इस्कॉन को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वायरल वीडियो में मेनका ने कहा है कि भारत में इस समय सबसे बड़ा धोखेबाज इस्कान है। इस संगठन ने गोशालाएं स्थापित कीं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से अनगिनत पफायदे मिलते हैं, उन्हें बड़ी जमीने दी गई हैं।
इस क्रम में सांसद मेनका गांधी ने अपनी आंध्र प्रदेश में इस्कॉन की एक गौशाला की यात्रा को याद किया। मेनका ने कहा कि हाल ही में अनंतपुर गौशाला का दौरा किया था। वहां एक भी सूखी गाय नहीं मिली। सभी डेयरी हैं। वहां एक भी बछड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि सभी को बेच दिया गया था। मेनका ने कहा कि इस्कॉन अपनी सभी गायों को कसाइयों को बेच रहा है। कोई और ऐसा नहीं करता है जितना वे करते हैं। वे सड़कों पर हरे राम हरे कृष्ण गाते हैं। फिर वे कहते हैं कि उनका पूरा जीवन दूध पर निर्भर है।Maneka gandhi Accuses iskcon
आरोप को इस्कॉन ने निराधार बताया
वहीं इस्कॉन ने आरोपों को निराधार और झूठा बताया। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंद दास ने कहा कि इस्कॉन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर गाय और बैल की रक्षा और देखभाल में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां गायों और बैलों की जीवनभर सेवा की जाती है न कि उन्हें कसाइयों को बेचा जाता है जैसा कि आरोप लगाया गया है।
इस्कॉन गायों की संरक्षक
मंदिर प्रशासन ने कहा कि इस्कॉन दुनिया के कई हिस्सों में गायों का संरक्षण कर रहा है जहां पर गोमांस एक मुख्य भोजन है। इस्कॉन ने कहा हम मेनका गांधी के बयान से हैरान हैं क्योंकि वे हमेशा ही इस्कॉन की शुभचिंतक रही हैं। मंदिर प्रशासन ने कहा कि भारत में इस्कॉन 60 से ज्यादा गौशालाएं चला रहा है। यहां पर गायों और बैलों की रक्षा की जाती है। उनकी पूरी जिंदगी देखभाल भी की जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस्कॉन की गौशालाओं में आने वाली गाय वह होती हैं जो कटने से बचाई गई होती हैं।
इस्कॉन का इतिहास
जहां तक इस्कॉन के इतिहास की बात है तो 1965 में न्यूयॉर्क में इस्कॉन की स्थापना हुई। इसकी शुरुआत भारत में आध्यात्मिक शिक्षा के प्रबल समर्थक भक्तिवेदांत स्वामी श्रीला प्रभुपाद ने की थी। कृष्ण भक्ति के आंदोलन की यात्रा भी दिलचस्प रही है। इस्कॉन की मानें तो शुरुआत में प्रभुपाद ने पश्चिमी देशों में भगवान कृष्ण का संदेश फैलाने के लिए वृन्दावन छोड़ दिया। भगवान कृष्ण की पुस्तकों से भरे ट्रंक के साथ बोस्टन आए।
शुरुआत में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा लेकिन कुछ ही दिनों में लोगों को उनकी बात रास आने लगी। और धीरे धीरे करके कुछ लोग उनके व्याख्यान में शामिल हो गए। उन्होंने हर हफ्ते भगवद गीता पर व्याख्यान देना शुरू कर दिया। लोगों का बढ़ता समर्थन और अपने संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में इस्कॉन की सफलतापूर्वक स्थापना की।
धीरे धीरे न्यूयॉर्क के बाद दुनिया के अन्य हिस्सों से होते हुए भारत में भी इस्कॉन की स्थापना की गई। 1970 से 1977 तक इस्कॉन ने भारत में वृन्दावन और मायापुर में कई प्रमुख तीर्थस्थल बनाए जिसमें मुंबई का सबसे बड़ा मंदिर भी शामिल था। श्रीला प्रभुपाद ने 1972 में भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट की स्थापना की। इस्कॉन की मानें तो यह भगवान कृष्ण की पुस्तकों के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक हैं। श्रीला प्रभुपाद ने 1966 से 1977 के बीच कृष्ण साहित्य के 40 से अधिक खंडों को संस्कृत से अंग्रेजी में अनुवाद किया। इनमें श्रीमद्भागवत या भागवत पुराणए भगवान कृष्ण के अवतार के इतिहास के 18 खंडए लीलाएं और भक्त जैसी पुस्तकें शामिल हैं।
इसमें कोई शक की गुंजाइश नहीं है कि इस्कॉन ने हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे नामक मंत्र को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया। इस्कॉन खुद को भगवान कृष्ण की शिक्षा में विश्वास करने वाला संगठन बताता है।उसके अनुयायी कृष्ण भक्ति में पूरी तरह डूबे हुए होते हैं और लोग उनको पसंद भी करते हैं। 1973 में वेदों की शिक्षाओं के लिए भक्तिवेदांत संस्थान की स्थापना की गई। अगले साल 1974 में इस्कॉन के लिए एक अहम साल रहा जब इसने वैश्विक स्तर पर आपदा क्षेत्रों में भोजन जैसे राहत कार्यक्रम शुरू किये।
इस्कॉन ने लगभग 108 मंदिरों और शैक्षणिक केंद्रों की स्थापना की। आज इस्कॉन के दुनियाभर में 500 से अधिक केंद्र हैं।
इस्कॉन का विवादों से रहा है पुराना नाता Maneka gandhi Accuses iskcon
इस्कॉन पहले भी अपने से जुड़े विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है। एक तरह से कह सकते हैं कि इसका विवादों से पुराना नाता है। इस साल 2023 के जुलाई माह में अपने पुजारी अमोघ लीला दास पर स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस के बारे में की गईं टिप्पणियों के बाद प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। इसके साथ ही अहमदाबाद में हरे कृष्ण मंदिर पर धर्म और आध्यात्मिकता के नाम पर युवाओं का ब्रेन वॉश करने का आरोप लगा था। झारखंड के एक परिवार ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे प्रशांत का ब्रेन वॉश कर उसे लोगों से दूर किया गया है। हालांकि संस्था ने आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया था।
एक समय शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इस्कॉन पर धर्मांतरण का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इस्कॉन कृष्ण भक्ति के नाम पर हिन्दुओं को बरगलाकर उनका धर्मांतरण कराने में जुटा है। इस्कॉन के अंतरराष्ट्रीय संपर्क प्रमुख ब्रजेंद्र नंदन दास ने शंकराचार्य के बयान पर हैरानगी जताते हुए इस आरोप का पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा था कि इस्कॉन तो कृष्ण की भक्ति में डूबा हुआ एक संगठन है जो भक्ति और गीता के प्रचार प्रसार में अनवरत लगा हुआ है।
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