Manipur Violence : सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच हिंसा प्रभावित मणिपुर में तनावपूर्ण शांति
Tense peace in violence-hit Manipur amid presence of security forces
भारत
RP Raghuvanshi
05 May 2023 07:19 PM
भारत
RP Raghuvanshi
05 May 2023 07:19 PM
इंफाल। मणिपुर में सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी के बीच हिंसा की किसी ताजा घटना की सूचना नहीं मिली। शुक्रवार सुबह तनावपूर्ण शांति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, मणिपुर के कई हिस्सों में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ की खबरें हैं।
Manipur Violence
कुछ जगहों पर हुई मुठभेड़
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, चुराचांदपुर जिले के कांगवई, पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के पश्चिमी पहाड़ी इलाके फौगाकचाओ और इंफाल पूर्वी जिले के दोलाईथाबी और पुखाओ में मुठभेड़ की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह नहीं पता चल सका है कि दोनों पक्षों में कोई हताहत हुआ है या नहीं।
रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने एक बयान जारी कर कहा कि सभी हितधारकों की समन्वित कार्रवाई के जरिये स्थिति पर नियंत्रण हासिल कर लिया गया है। भारतीय वायु सेना ने सी17 ग्लोबमास्टर और एएन32 विमानों के जरिये असम की दो हवाई पट्टियों से उड़ान भरकर क्षेत्र में बचाव एवं निकासी अभियान चलाया। बयान के अनुसार, प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती चार मई की रात को शुरू की गई। अतिरिक्त बलों ने पांच मई को तड़के ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम आरंभ कर दिया। प्रभावित क्षेत्रों से सभी समुदायों के नागरिकों की निकासी का काम बृहस्पतिवार को रात भर किया गया। चुराचांदपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च जारी है।
Manipur Violence
सेना और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि मणिपुर में सेना और असम राइफल्स के 55 ‘कॉलम’ तैनात किए गए हैं, जबकि नगालैंड से सड़क मार्ग से अतिरिक्त सैनिकों को बुलाया गया और वायु सेना के विमान भी असम के तेजपुर और गुवाहाटी से अतिरिक्त जवान लेकर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि उग्र भीड़ ने इंफाल शहर के न्यू चेकोन और चिंगमेइरोंग इलाकों में दो शॉपिंग मॉल में तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने सड़कों पर गश्त बढ़ा दी थी। रक्षा अधिकारी ने बताया कि इंफाल और अन्य इलाकों में बृहस्पतिवार रात लोगों को बड़ी संख्या में इकट्ठा होते या अपने घरों से बाहर निकलते नहीं देखा गया, क्योंकि सड़कों पर गश्त तेज कर दी गई थी। रक्षा अधिकारी के मुताबिक, उग्र भीड़ ने बृहस्पतिवार को थनलॉन के आदिवासी विधायक वंजागिन वाल्टे पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सूत्रों ने बताया कि समुदायों के बीच हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। हालांकि, पुलिस फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। मालूम हो कि मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मेइती समुदाय के लोगों और आदिवासियों के बीच हिंसा भड़क गई है, जिससे दोनों समुदायों के 9,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में कई प्रभावित लोग सुरक्षाबलों के शिविरों में शरण ले रहे हैं। मणिपुर सरकार ने हिंसा पर काबू पाने के लिए ‘देखते ही गोली मारने का’ आदेश दिया है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि यह हिंसा समाज में गलतफहमी का नतीजा थी और उनका प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सभी उपाय कर रहा है।
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